अगर मेरा टॉप थोड़ा गहरा है तो इसका मतलब ये नहीं कि मैं एक ‘रंडी’ हूं !

 Mumbai : अपने समय की हॉट और बोल्ड अभिनेत्री पूजा बेदी की बेटी आलिया हाल ही में 18 साल की हुई हैं और वो बॉलिवुड में एंट्री करने का मन बाना रही हैं. लेकिन, खबर ये नहीं है. वे चर्चा में हैं अपनी कुछ बोल्ड तस्वीरों के कारण. जिन पर मिली प्रतिक्रियाओं के विरोध में उन्होंने एक तीखा ब्लॉग लिखा है.aalia-ibrahim1
आलिया की ग्लैमरस तस्वीरें कुछ वेबसाइटों पर शेयर होने के बाद वायरल हो गई थीं. साथ ही बहस का मुद्दा भी बन गईं. जाहिर है समाज का एक वर्ग इस बोल्डनेस के खिलाफ रहता है, ऐसे में आलिया की तस्वीरों पर कुछ लोगों ने भद्दे कमेंट्स किए, यहां तक कि उनकी तुलना पॉर्न स्टार से कर दी. जिसे पढ़कर आलिया बेहद आहत हुईं. उसके बाद अपना गुस्सा उन्होंने अपने ब्लॉग के जरिए जाहिर किया और उन हेटर्स को करारा जवाब दिया.
शुरुआत में उन्होंने एक कविता की कुछ लाइनें लिखीं-
‘तुम अपने शब्दों से मुझे चोट पहुंचा सकते हो,
अपनी नजरों से मुझे चीर सकते हो,
अपनी घृणा से मुझे मार भी सकते हो,
लेकिन तब भी, हवा की तरह, मैं उठती रहुंगी’.
मैंने अपने बारे में एक खबर पढ़ी जो बहुत अच्छी तरह से लिखी गई थी. लेकिन जब मैंने इस पर आए कमेंट्स पढ़े तो मेरी मुस्कुराहट खो गई.  aaliyaक्योंकि वहां मेरे कपड़ों पर सवाल उठाए गए, मेरे लिए ‘स्लट’, ‘पोर्न रेडी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया. पहले मैं इसे नजरअंदाज करना चाहती थी लेकिन ये बात मुझे लगातार परेशान कर रही थी और मेरे अंदर नकारात्मकता ला रही थी.
अगर मेरे क्लीवेज दिख रहे हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि मैं आपको कुछ भी कहने की आज़ादी दे रही हूं. अपने ब्रेस्ट के अलावा भी मैं बहुत कुछ हूं और सिर्फ इसके लिए मेरे बारे में राय बनाना गलत है. मैं 18 साल की एक भारतीय लड़की हूं और मुझे अपनी पसंद से कपड़े पहने की इजाजत भी है. मैंने बुरखा, सलवार कमीज या साड़ी पहनने वाली किसी भी महिला को उनके कपड़ों को देखकर जज नहीं किया और न ही उनकी बेइज्जती की. मुझे भी वैसा ही सम्मान मिलना चाहिए. मुझे मेरे ब्रेस्ट की वजह से सेक्सुअलाइज करना, मेरी नैतिकता, मेरी उपलब्धियों, मेरे लक्ष्यों और मेरे आकांक्षाओं पर सवाल करना ठीक नहीं है. मैं मेरे ब्रेस्ट नहीं हूं, अगर मेरा टॉप थोड़ा गहरा है तो इसका मतलब ये नहीं कि मैं एक ‘रंडी’ हूं. अगर मैं बिकनी पहनना चाहती हूं तो ये मेरी पसंद है. हमें इन सबसे ऊपर होकर सोचना चाहिए, लोग क्या कहेंगे इस बात से डरे बिना खुद के लिए सोचना चाहिए.
ये हैरान करने वाली बात थी कि ज्यादातर आलोचना वाले कमेंट्स महिलाओं की तरफ से ही आए थे. ऐसी महिलाओं को लेकर आलिया ने लिखा-
हम कैसी महिलाएं हैं जो एकदूसरे को सशक्त भी नहीं कर सकतीं. अगर हम किसी महिला के पसंद और जीने के तरीके पर कमेंट करते हैं तो हम महिलाओं के सेक्सुअलाइजेशन को सहमति देते हैं.aaliyah1_ सड़क पर चलते वक्त जब पुरुष आपके निर्वस्त्र होने की कल्पना करते हैं, छेड़छाड़ करते हैं, आप ही उन्हें ऐसा करने देते हैं. आप अनजाने में ही अपने बेटों, भाइयों और अपने पतियों को बता रहीं हैं कि महिलाओं के ब्रेस्ट ही उन्हें परिभाषित करते हैं. आप अपनी बेटियों को ये पढ़ा रही हैं कि आपकी कीमत उतनी ही है जितने कपड़े आपके शरीर पर हैं. एक पुरुष होते हुए भी, अगर आपकी पत्नी रात को सड़क पर अकेला चलने से डरती है, या आप अपनी बहन और बेटी को कहीं भी अकेले जाने देने में हिचकते हैं, तो ये सब आपकी वजह से ही है. अगर आप बलात्कार जैसे अक्षम्य अपराध के लिए पुरुषों को धिक्कारती हैं तो आपने खुद उस मानसिकता में योगदान दिया है.
मैं ठीक हो जाउंगी, मैं आगे बढ़ जाउंगी, मैं कुछ न कछ अच्छा करुंगी, अपने आसपास रहने वालों को खुश रखुंगीं, मैं अपनी पसंद के कपड़े पहनती रहुंगी, और अपनी पसंद की तस्वीरें भी पोस्ट करती रहूंगी. मैं अपनी जिंदगी उसी तरह जीती रहुंगी जैसे मैं जीना चाहती हूं. क्योंकि मैं जानती हूं कि मैं एक अच्छी इंसान हूं. मैं उठूंगी…I will rise.

  Aaliya ibrahim

Vaidambh Media

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