उम्मीदों पर फिरा पानी

  • पांचवें दिन निशानेबाजी में भारत का हाथ खाली
  • निशानेबाजी में 44 पदकों की दौड़ में अब तक मिले हैं छह पदक
  • 05 दिन बाकी हैं इस खेल के टूर्नामेंट में

इंचियोन। 17 वें एशियन गेम्स के उद्घाटन समारोह सहित पांच सफल दिन बीत चुके हैं लेकिन इस टूर्नामेंट में भारत की वर्तमान स्थिति बेहद दयनीय है। भारत एक स्वर्ण, एक रजत और दस कांस्य सहित कुल 12 पदक लेकर अंक तालिका में 13 वें स्थान पर ‘डटा’ है। ऐसा नहीं है कि एशियन गेम्स इतिहास में भारत पहली बार इस स्थान पर है। इससे पहले भी कई ऐसे मौके आए हैं जब अंक तालिका में भारत को देखने के लिए नीचे की ओर नजर झुकाना पड़ा है। लेकिन वर्तमान दौर में भारत का ये प्रदर्शन निश्चित रूप से हैरान और परेशान करने वाला है। हालांकि इस प्रदर्शन के पीछे ये तर्क दिया जा सकता है कि कई खेलों में अनुभवी खिलाड़ियों की कमी की वजह से ये हाल हुआ है लेकिन निशानेबाजी में ऐसा कोई बहाना कारगर साबित नहीं होता है। क्योंकि इस खेल में युवा सनसनी जीतू राय और अनुभवी अभिनव बिंद्रा जैसे खिलाड़ियों से सजी टीम थी। हालांकि इस खेल में लखनऊ के जीतू की बदौलत शानदार आगाज तो हुआ लेकिन फिर अचानक रफ्तार धीमी पड़ गई। यहां तक कि अपने मुकाबले से पहले संन्यास की घोषणा कर चर्चा में आ चूके अभिनव बिंद्रा को भी व्यक्तिगत और टीम स्पर्धा में कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा।
हद तो तब हुआ जब टूर्नामेंट के पांचवें दिन बुधवार को भारतीय निशानेबाजों की झोली खाली रह गई। भारत के पास पुरुषों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल और महिलाओं की 50 मीटर राइफल प्रोन में चार पदक जीतने का मौका था लेकिन भारतीय शूटर एक भी मेडल नहीं जीत सके। बता दें कि निशानेबाजी में जीतू के गोल्ड सहित छह पदक भारत की झोली में हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि बाकी बचे दिनों में निशानेबाज अंक तालिका में कितने पदक जोड़ पाते हैं।  ओंगनियोन अंतरराष्ट्रीय रेंज पर 30 सितंबर तक होने वाली निशानेबाजी स्पर्धा में 34 देश व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में 44 पदकों की दौड़ में हैं।

 

ब्यूरो कार्यालय, नई  दिल्ली

 

 

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