एनजीओ पर शिकंजा : ‘आर्थिक सुरक्षा’ के हित में पीएमओ हुआ कड़क

इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की सिफारिश पर गृह मंत्रालय ने उठाया कदम !

ngoNew Delhi:प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर गृह मंत्रालय ने फॉरेन फंडिंग वाले एनजीओ पर शिकंजा कसना शुरू किया है। फोर्ड फाउंडेशन और ग्रीनपीस के खिलाफ कार्रवाई के बाद इस तरह के कदम विवादास्पद हो सकते हैं। मंत्रालय की योजना इस सेक्टर से जुड़े कुछ अहम नियमों को सख्त करने की है। इसमें फॉरेन कॉन्ट्रिब्यूशन रेगुलेशन ऐक्ट भी शामिल है। इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की सिफारिश पर गृह मंत्रालय यह कदम उठा रहा है।
प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्रा ने गृह सचिव एल सी गोयल को चिट्ठी लिखकर जल्द से जल्द तमाम एनजीओ की फॉरेन फंडिंग की निगरानी शुरू करने को कहा था।

ngo funding forigen इसके तुंरत बाद गृह मंत्रालय ने एफसीआरए नियमों की समीक्षा शुरू कर दी। आईबी की सिफारिश पिछले हफ्ते मिली थी। मीडिया सूत्रों के मुताबिक इस अभियान का मकसद पारदर्शिता को बढ़ावा देना और निगरानी तेज करना होगा । अधिकारियों के मुताबिक, देश की ‘आर्थिक सुरक्षा’ के हित में पीएमओ चाहता है कि नया सिस्टम 15 जून तक तैयार हो जाए। एफसीआरए रूल्स, 2011 को पिछली यूपीए सरकार की तरफ से लाया गया था और एफसीआरए ऐक्ट 2010 में बना था । अब इन नियमों को और सख्त बनाया जा रहा है।

                   48 घंटे के भीतर फॉरेन फंडिंग के बारे में देनी पड़ सकती है जानकारी !

An unnoticed fact: the RSS, India’s biggest NGO, gets foreign funding too

rssप्रस्तावित बदलावों के तहत पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एनजीओ इकाइयों को 48 घंटे के भीतर फॉरेन फंडिंग के बारे में जानकारी देनी पड़ सकती है। अधिकारी ने बताया, ‘एनजीओ के लिए ऐसी वेबसाइट रखनी जरूरी होगी, जहां फॉरेन फंड हासिल करने के 48 घंटे के भीतर इसकी जानकारी आम लोगों के लिए मुहैया करानी होगी।’ सूत्रों के मुताबिक, इसके तहत फंड के स्रोत, फंड किस मकसद के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे और खास प्रोजेक्ट में पार्टनर एनजीओ के डिटेल के बारे में भी जानकारी होगी।’ अधिकारी का कहना था कि पिछले साल की ऑडिट रिपोर्ट को भी सार्वजनिक किए जाने की बात है।  नए उपायों में ‘निगरानी’ के हिस्से के तहत सरकार को चेकिंग और इंस्पेक्शन के जरिये एनजीओ संस्थानों पर करीबी नजर रखने की इजाजत होगी। गृह मंत्रालय विस्तार से निगरानी से जुड़ा सिस्टम तैयार कर रहा है। अधिकारियों ने बताया, ‘हर एनजीओ को उन मानकों के बारे में पता होगा, जिनके आधार पर इंस्पेक्शन किया जाएगा।’

home-ministryगृह मंत्रालय को लिखी गई चिट्ठी में पीएमओ ने निगरानी के लिए होम मिनिस्ट्री, रिजर्व बैंक और बैंकों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर दिया गया है। गृह मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि ‘निगरानी’ के पहलू पर इंटेलिजेंस ब्यूरो की सिफारिश एनजीओ के एफसीआरए ऐक्ट और एफसीआरए नियमों के दुरुपयोग से जुड़े मामलों के सामने आने के बाद की गई है। गृह मंत्रालय को लिखी गई चिट्ठी में पीएमओ ने निगरानी के लिए होम मिनिस्ट्री, रिजर्व बैंक और बैंकों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर दिया गया है।

गृह मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि ‘निगरानी’ के पहलू पर इंटेलिजेंस ब्यूरो की सिफारिश एनजीओ के एफसीआरए ऐक्ट और एफसीआरए नियमों के दुरुपयोग से जुड़े मामलों के सामने आने के बाद की गई है। मोदी सरकार के आलोचक एनजीओ की फॉरेन फंडिंग की सख्ती को लेकर सरकार को निशाने पर लेते रहे हैं। दुनिया की सबसे बड़ी एनजीओ में से एक फोर्ड फाउंडेशन को गृह मंत्रालय ने निगरानी वाले एनजीओ की की सूची में डाल दिया है और अब इसके हर फॉरेन डोनेशन की जांच हो रही है.

                                                   Vaidambh Media

Previous Post
Next Post

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

hogan outlet online scarpe hogan outlet nike tn pas cher tn pas cher nike tn 2017 nike tn pas cher air max pas cher air max pas cher air max pas cher air max pas cher air max pas cher scarpe hogan outlet scarpe hogan outlet scarpe hogan outlet scarpe hogan outlet scarpe hogan outlet scarpe hogan outlet chaussures louboutin pas cher chaussures louboutin pas cher chaussures louboutin pas cher chaussures louboutin pas cher chaussures louboutin pas cher chaussures louboutin pas cher