किसान हूं! 40 हजार के जूते,8 लाख की घड़ी पहनता हूॅ :चौधरी बीरेंद्र

orissa-village भारत में गाॅव की महत्ता इसी से समझ लेनी चाहिए कि जब महान कवियों ने देश को गाॅव के बिना अधूरा पाया हैं। ‘गाॅव’ शब्द का उच्चारण होते ही  मस्तिष्क मेें ये छवि उभरती है … फटी धोती में किसान , दरवाजे पर दो बैल जिनकी हडडीयाॅ साफ गिनी जा सकतीं हैं और फूॅस का छप्पर जिस पर लैकी व करेला की बेलें हरियाली बिखेर रहीं हैं। सुबह से शाम तक हाड तोड़ मेहनत करने के बाद शाम को कोई हिसाब किताब किये बिना सूखी रोटी भरुबा मर्चा बौर नमक थोड़ी प्याज खा लिया ए ये भी नही है तो जौ का सत्तू घेार के पीया और दहाड़ के सोये। आज भी किसान का अंदाज वही है । हमारे नेता इस संतोष भरी जिंदगी को तहस नहस करने का पूरा प्रबंध करते रहते हैं। ग्राम पंचायत का देश की सरकार में नेतृत्व करने वाले मंत्री ने जब अपने प्रधानमंत्री की तेलाही मे ये बयान दिया कि मैं 8 लाख की घड़ी पहनता हूॅ तो ए अपार उम्मीदों के साथ वोट देकर उनको सदन पहुॅचाने वाला किसान खुद को एक बार फिर ठगा हुआ पा रहा है।

                                       …….  जय हो कारपोरेट बाबा  और आप के भक्त! 

 

                      पीएम नरेंद्र मोदी 10 लाख रुपये का सूट क्यों नहीं पहन सकते?

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अमरोहा:  यूपी , अमरोहा के गजरौला में किसान सम्मेलन को संबोधित करने गए केंद्रीय कैबिनेट मंत्री (पंचायती राज) चौधरी बीरेंद्र सिंह ने किसानों के जख्मों पर नमक रगड़ने वाला बयान दिया है। रैली को संबोधित करते हुए बीरेंद्र सिंह ने बात तो पीएम नरेंद्र मोदी से शुरू की, लेकिन धीरे-धीरे वह अपनी रईसी और पैसे की शेखी बघारने लगे। इसके लिए उन्होंने पीएम मोदी के 10 लाख की कीमत वाले सूट से जुड़े विवाद को उठाया। मंच पर बोल रहे चौधरी ने कहा कि पीएम मोदी के 10 लाख के सूट पर विवाद करना गलत बात है। चौधरी बोले, ‘मैं खुद 8 लाख रुपये की घड़ी बांधता हूं। मेरे जूते 40 हजार के हैं। मैं एक किसान हूं। जब मैं एक किसान होकर इतना कुछ कर सकता हूं, तो पीएम नरेंद्र मोदी 10 लाख रुपये का सूट क्यों नहीं पहन सकते। इसमें कोई बुराई नहीं है।’ चौधरी यहीं पर नहीं रुके। उन्होंने तो मंच से ही पैसे लूटने की बात तक कह डाली। चौधरी ने कहा, ‘हम भी तो तुम्हारी दौलत से कुछ ना कुछ खरोंच लें।’ रोचक बात यह है कि बीरेंद्र सिंह ने यह बयान किसी मौके या मुद्दे के बिना दिया है। पीएम मोदी ने जब 10 लाख रुपये का सूट पहना था तो उस पर खूब बवाल हुआ था, लेकिन उस मामले को ठंडा हुए काफी वक्त हो चुका है।

       किसान नाराज :   केंद्रीय मंत्री रहते सरकारी  की जगह निजी कॉलेज खुलवाया।

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बीरेंद्र के इस बयान से खाप पंचायतें और किसान नाराज हो गए हैं। हरियाणा में कंडेला खाप के प्रतिनिधि बलजीत कंडेला, खटकड़ खाप के प्रतिनिधि कृष्ण खटकड़, सातरोल खाप के प्रतिनिधि सतबीर करसिंधू ने कहा कि आज जब अधिकांश किसानों के घर के चूल्हे नहीं जल पा रहे हैं, ऐसे में बीरेंद्र लाखों की घड़ी और मंहगे जूते पहनने की बात कर रहे हैं। वो किसान हितैषी बिल्कुल नहीं हो सकते। कई खाप पंचायतों ने तो इकट्ठा होकर बीरेंद्र सिंह की असलियत सामने लाने के उद्देश्य से आंदोलन करने की धमकी भी दी है।कांग्रेस के शासनकाल में केंद्रीय मंत्री रहते हुए बीरेंद्र सिंह ने अपने इलाके में एक निजी कॉलेज भी खुलवाया था। अब खाप पंचायतें उस मुद्दे को भी उठा रही हैं। खापों के मुताबिक बीरेंद्र सिंह को सरकारी कॉलेज खुलवाना था, जबकि उन्होंने पैसे कमाने के उद्देश्य से निजी कॉलेज खुलवाया।

Vaidambh Media

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