चुनाव व लग्न मंण्डप के संयुक्त आगमन से, फूल बाजार में आई बहार !

नेताओं को फूल माला और पुष्प गुच्छ से सम्मानित करने की परंपरा पुरानी !

Varnashi  : वाराणसी समेत पूर्वांचल में शादी का लग्न और विधानसभा चुनाव की बयार से फूलों का बाजार महक उठा है। नोटबंदी के बाद दो माह तक फूलों के कारोबार में मंदी छा गई थी जिसमें अब अचानक तेजी देखी जा रही है। शादी-विवाह के मौसम में हर वैवाहिक कार्यक्रम में फूल सज रहे हैं। वहीं चुनाव के दौरान नेताओं को फूल माला और पुष्प गुच्छ से सम्मानित करने की परंपरा भी काफी पुरानी है। ऐसे में लग्न और चुनाव दोनों साथ आए हैं जिससे फूलों की बिक्री में तेजी आई है।

रोजाना 20 लाख रुपये से ज्यादा का  होता है कारोबार !

नोटबंदी की घोषणा के बाद से पूर्वांचल के अन्य सभी उद्योग व्यापार के साथ ही फूलों के बाजार में सन्नाटा छा गया था जिससे फूल उत्पादक किसान भी बैचेन हो गए थे। वाराणसी में पूर्वांचल की सबसे बड़ी फूलों की मंडी इंग्लिशिया लाइन क्षेत्र के किसान फूल मंडी के संचालक प्रमोद दुबे ने बताया कि पूर्वांचल की प्रमुख इस फूल मंडी में वाराणसी समेत आसपास के जिलों के साथ बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड समेत नेपाल के व्यापारी खरीदारी करने आते हैं। यहां रोजाना 20 लाख रुपये से ज्यादा का कारोबार होता है लेकिन पिछले दो माह मंडी बिल्कुल वीरान पड़ गई थी।

कुछ सालों से बढ़ी है फूलों की कीमत !
मंडी संचालक के अनुसार वाराणसी के लोहता, राजा तालाब, घमहापुर, बिरभानपुर, मिल्कीचक, जाल्हूपुर, जमुआ बाजार समेत पूर्वांचल के मिर्जापुर, जौनपुर, चंदौली के अलावा विभिन्न जिलों के साथ पश्चिम बंगाल सहित दूसरे प्रांतों से प्रतिदिन ट्रांसपोर्ट के माध्यम से फूलों की आवक होती है। यहां पर मांग के सापेक्ष कम आपूर्ति के कारण प्रतिवर्ष मौसम में फूलों की कीमत पिछले कुछ सालों से बढ़ी है।

फूलों की खातिर अन्य प्रांतों पर भी निर्भर रहना पड़ता है !
वाराणसी के अधिकतर किसान फूलों की खेती को लेकर जागरूक नहीं हैं। यही वजह है कि मंडी को अन्य प्रांतों पर भी निर्भर रहना पड़ता है। वाराणसी में प्रतिदिन करीब दस क्विंटल फूलों की आपूर्ति पश्चिम बंगाल से होती है। बाजार में गेंदा, गुलाब, लिली आदि फूलों की बिक्री हो रही है। विशेषकर गुलदस्ते की मांग बढ़ी है। कारोबारी राजेश साहनी ने बताया कि शादियों का मौसम शुरू हो गया है। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। लोगों को वैवाहिक समारोहों को यादगार बनाने के लिए सभी तरह के फूलों की मांग होती है। इस वजह से फूलों की कीमतों में उछाल है। वहीं फूलों की खेती करने वाले किसान भी मांग बढने से उत्साहित हैं। प्रचलित फूलों में गुलाब, गेंदा, जूही, चंपा, चमेली, केवड़ा, बेली आदि इस्तेमाल किया जाता है।

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