दाल- सब्जी का भाव चढेगा आसमान !

अभी और बढेगी सब्जियों की कीमत !

New Delhi: अब तक दालें ही आम आदमी की पहुंच से बाहर थीं, लेकिन अब आसमान छूती कीमतों के कारण हरी सब्जियां भी उसकी थाली से बाहर होती जा रही हैं। green vegitablesमॉनसून सीजन के आखिर में करीब तीन सप्ताह पहले हुई बारिश के बाद अब तक सब्जियों के दाम 157 फीसदी बढ़ चुके हैं। वाशी मंडी के आंकड़ों से पता चलता है कि कम आवक के कारण लगभग सभी सब्जियों की कीमतें बढ़ी हैं। उदाहरण के लिए परवल के दाम 157.14 फीसदी बढ़े हैं। इसका कारोबार आज 3, था। अन्य सब्जियों में भी तेजी रही है। करेला, बैगन और फूलगोभी जैसी सब्जियों के दाम 16 सितंबर से अब 000 से 3,600 रुपये प्रति क्विंटल के बीच हुआ, जबकि तीन सप्ताह पहले भाव 1,000 से 1,400 रुपये प्रति क्विंटल तक 78 फीसदी तक बढ़े हैं। इस वजह से मध्यम वर्ग के बहुत से लोग इन सब्जियों की जगह बंद गोभी जैसी सस्ती सब्जियां खाने लगे हैं और हरी सब्जियों की बढ़ती कीमतों का असर कम करने के लिए आलू का उपभोग बढ़ा रहे हैं।

सब्जियों के दाम बढ़ने के कारण !

वाशी मंडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘तीन कारणों से सब्जियों के दाम बढ़े हैं।veg पहला, इस सीजन में मॉनसून की बारिश देर से शुरू होने के कारण बुआई में देरी हुई, इसलिए कटाई में इतनी ही देरी होगी। दूसरा, महाराष्ट्र के जलगांव और धुलिया जिलों जैसे प्रमुख सब्जी उत्पादक क्षेत्रों में मॉनसून की बारिश कम हुई, जिससे इन इलाकों में कम उत्पादन हुआ है। तीसरा, प्रमुख उत्पादक इलाकों में मॉनसून दो सप्ताह और सक्रिय रहने से पकी हुई फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। इस वजह से इन दिनों आवक बहुत कम हो गई है।’  इस साल का मॉनसून सीजन 16 फीसदी कम बारिश के साथ समाप्त हुआ है, इसलिए सिंचाई सुविधाओं की कमी के चलते खरीफ सब्जियों का आकार छोटा रह गया है। वाशी में फूलगोभी, बंदगोभी और बैगन के थोक डीलर संजय भुजबल ने कहा, ‘पूरे महाराष्ट्र में 30 फीसदी फसल खराब होने की खबरें हैं। इसलिए मंडियों में नए सीजन की फसल आने तक आपूर्ति कम बनी रहेगी और नई आवक तीन महीने बाद शुरू हो पाएगी। तब तक उपभोक्ताओं को महंगी  सब्जियों का बोझ झेलना पड़ेगा।’

देशभर में सभी सब्जियों और मंडियों में आवक घटी !

सरकारी स्वामित्व वाले राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (एनएचबी) के आंकड़ों से पता चलता है कि इस साल अक्टूबर में मुंबई में करेले की औसत आवक महज 20 टन रही है, जो पिछले साल के इसी महीने में 27 टन थी।sabjee देशभर में सभी सब्जियों और मंडियों में आवक घटी है। हरी सब्जियों में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली भिंडी के दाम 56 फीसदी बढ़कर 2,400 से 2,800 रुपये प्रति क्विंटल हो गए हैं, जो तीन सप्ताह पहले 1,500 से 1,800 रुपये प्रति क्विंटल थे। रोचक बात यह है कि बेंचमार्क अहमदाबाद मंडी में इसकी आवक घटकर महज 48 टन रह गई है, जो 16 सितंबर को 72 टन थी। आजादपुर मंडी (दिल्ली) में भी भिंडी की कुल आवक घटकर 64 टन रह गई है, जो तीन सप्ताह पहले 89 टन थी।

 10 सप्ताह तक झेलना पड़ेगा महंगी सब्जियों का कष्ट !

वाशी मंडी में भिंडी के थोक विक्रेता समीर इनामदार ने कहा, ‘भिंडी नमी के प्रति अति संवेदनशील सब्जी है। bittergourd-benefitsअगर यह भीग जाए तो यह जल्द खराब होती है। सितंबर में मॉनसून सीजन की बारिश के लंबे समय तक सक्रिय रहने से सब्जियों में ज्यादा नमी है। इस वजह से इस साल पिछले साल की तुलना में ज्यादा सब्जी खराब हुई है।’ आमतौर पर इसी समय जलगांव और धुलिया से बड़ी मात्रा में आवक शुरू होती है। लेकिन इस साल इन क्षेत्रों से भी आवक कम रही है। इस समय रबी सीजन की सब्जियों की बुआई हो रही है और इनकी कटाई दिसंबर के अंत तक शुरू होगी, इसलिए उपभोक्ताओं को अगले 10 सप्ताह तक महंगी सब्जियों का कष्ट झेलना पड़ेगा।

Vaidambh Media

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