देश में, सामान्य कामों के लिए ग्रामीणों को देंना पड़ता है सर्वाधिक घूस !

           शहरी परिवार साल में 4,400 रुपये दे देता है घूस coruption3

New Delhi: भले ही बीते कुछ सालों में भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता बढ़ी हो, लेकिन आज भी देश में हर शहरी परिवार को साल में करीब 4,400 रुपये की घूस देनी पड़ती है। ग्रामीण इलाकों में एक परिवार को साल में करीब 2,900 रुपये की रिश्वत देनी पड़ती है। केंद्र सरकार की ओर से अघोषित संपत्ति का आकलन करने के लिए बनाए गए आयोग के अध्ययन में यह खुलासा हुआ है। corruption

नेशनल काउंसिल ऑफ अप्लाइड इकनॉमिक रिसर्च (NCAER) के सर्वे के मुताबिक लखनऊ, पटना, भुवनेश्वर, चेन्नै, हैदराबाद, पुणे और ग्रामीण इलाके के लोगों को सामान्य कामों, एड्मिशन कराने और पुलिस से संबंधित काम निपटाने के लिए देश में सबसे अधिक घूस देनी पड़ती है। सितंबर से दिसंबर 2012 के बीच हुए सर्वे के मुताबिक शहरों में लोगों को हर साल करीब 18 हजार रूपये नौकरी पाने और ट्रांसफर कराने के लिए खर्च करने पड़ते हैं। यही नहीं ट्रैफिक पुलिस को भी साल में कम से कम 600 रुपये घूस के तौर पर देने पड़ते हैं।

       काले धन का स्रोत ,नौकरशाही और राजनीतिक वर्ग को मिलने वाला घूस

netaसर्वे के नतीजों के मुताबिक देश में काले धन का सबसे बड़ा स्रोत नौकरशाही और राजनीतिक वर्ग को मिलने वाली घूस की रकम है। यह काला धन आम तौर पर ठेके आवंटित करने, विकास योजनाओं को मंजूरी देने, खनन और तेल उत्पादों की बिक्री करने आदि से हासिल होता है। सर्वे की रिपोर्ट 2013 और 2014 में वित्त मंत्रलाय को सौंपी गई थी, लेकिन अब इसे अन्य विभागों से राय लेने के लिए उन्हें सौंपा गया है। रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीण इलाकों में भ्रष्टाचार पूरी तरह से बेकाबू है। यही नहीं गरीब लोगों के लिए चलाई जाने वाली मनरेगा, पीडीएस, इंदिरा आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों और छात्रवृत्ति योजनाओं के बजट का तकरीबन आधा हिस्सा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है।

                                         रेहड़ी वाले दते है प्रतिमाह 1,100 रुपये घूस

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दिल्ली, हैदराबाद, नोएडा, लखनऊ और पटना में हुए सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार सड़क किनारे पटरी बाजार और रेहड़ी लगाने वालों को हर महीने लगभग 1,100 रुपये की घूस देनी पड़ती है। इन लोगों की करीब 13 फीसदी कमाई घूस देने में ही चली जाती है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की निगरानी में हुए इस सर्वे की रिपोर्ट ऐसे वक़्त में आई है, जब पार्टी लाइन से ऊपर उठकर सभी सांसद देश में काले धन पर लगाम कसने के लिए कड़ा कानून बनाने की मांग कर रहे हैं।

Vaidambh Media

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