पीड़ित विद्युत उपभोक्ता पहुॅचे व्यथा निवारण फोरम, 81 प्रतिशत शिकायतें वैद्य !

 पूर्वांचल में उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली नहीं

Varanasi :  विद्वुत ब्यवस्था को सुचारु करने का वादा सभी सरकारें करती है पर आभी तक इसका स्थायी समाधान होते नहीं देखा गया! Save-Electricity-tipsपूर्वांचल में विद्युत विभाग में कर्मचारियों की कमी व संसाधनों के अभाव के कारण विद्युत उपभोक्ताओं की शिकायतें बढ़ी हैं। वहीं सुविधाओं के नाम शोषण के आंकड़े भी अधिक है। उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली नहीं मिलती है और गलत बिलिंग, कनेक्शन, सेवा इत्यादि के लिए उन्हें उत्पीडि़त भी किया जाता रहा है। यह खुलासा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक कार्यालय में उत्तर प्रदेश के विद्युत लोकपाल आर एस पांडेय ने किया है। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम में उपभोक्ताओं की ओर से आने वाली शिकायतों और उनके निस्तारण से जुड़े आंकड़े इस बात को उजागर करते हैं।

 

इस वर्ष कुल 180 मामले आए 128 मामलों का निर्णय हुआ

67 प्रतिशत उपभोक्ता के पक्ष में !

पांडेय ने बताया कि वर्ष 2014 से 15 तक कुल 180 मामले आए थे जिसमें 128 मामलों का निर्णय हुआ।meter इसमें 86 मामलों का निर्णय उपभोक्ता के पक्ष में किया गया जो 67 प्रतिशत था। वहीं इस वर्ष 2015-16 में फरवरी के अंत तक कुल 251 मामलों की सुनवाई हुई जिसमें 188 मामलों में निर्णय दिए जा चुके हैं तथा इनमें 158 मामलों मेें उपभोक्ता के पक्ष में निर्णय हुए हैं जो 84 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की तुलना में यह 40 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि इन मामलों में पिछले वर्ष पूर्वांचल से मात्र 24 शिकायतें आई थी और इसमें से 21 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। इसमें 17 मामलों में निर्णय उपभोक्ताओं के पक्ष में था जो कि 81 प्रतिशत है। इस वर्ष 61 शिकायतें पूर्वांचल से आई जिसमें 52 मामलों में फैसला हो चुका है। इसमें 41 का निस्तारण उपभोक्ताओं के पक्ष में हुआ जो कि 71 प्रतशत है। वाराणसी के उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम ने वर्ष 2015-2016 में कुल 393 मामले की सुनवाई की जिसमें 377 मामले में निर्णय दिया गया तथा 217 मामलों में उपभोक्ता के पक्ष में निर्णय दिया गया। पांडेय ने बताया कि इन आकड़ों से प्रतीत हो रहा है कि पूर्वांचल व प्रदेश में उपभोक्ता वास्तव में प्रताडि़त हो रहे हैं तथा अब उसे न्याय मिल रहा है। क्योंकि लगभग 70 प्रतिशत फैसले उपभोक्ता के पक्ष में जा रहे हैं।

उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम में आ रहे हैं बिलिंग – बकाया के मामले  !

पांडेय ने बताया कि विद्युत विभाग द्वारा प्रताडि़त उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने के लिए विद्युत अधिनियम के तहत उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम की स्थापना हुई है electriजहां पीडि़त उपभोक्ता को न्याय पाने के लिए मामूली शुल्क के साथ आवेेदन संबंधित प्रपत्रों के साथ उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम में प्रस्तुत कर न्याय पा सकता है। विद्युत लोकपाल ने वाराणसी में सुनवाई करते हुए विद्युत उपभोक्ताओं से अपील किया कि वह प्रताडऩा को सहे नहीं, बल्कि विभाग की शिकायतों को फोरम में ले आए उन्हें न्याय मिलेगा। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम मे ज्यादातर बिलिंग अथवा बकाया के मामले आ रहे हैं। उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम द्वारा दिए गए निर्णय अथवा निर्देश का अनुपालन न होने की स्थिति में संबंधित पक्ष पर नियामक आयोग द्वारा एक लाख रुपये तक के जुर्माने का भी प्रावधान है। ऐसे कुछ मामले नियामक आयोग के विचाराधीन है। आज पूर्वांचल क्षेत्र के 9 मामलों में सुनवाई करते हुए विद्युत लोकपाल ने इलाहाबाद क्षेत्र के 7 मामलों में से 6 मामलों में संबंधित अधिशासी अभियंताओं द्वारा अनुपालन आख्या लाया गया था लेकिन इनमें कुछ कमियां थीं, उनको दूर कर दिनांक 7 अप्रैल व 22 अप्रैल को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। गोरखपुर क्षेत्र के एक मामले में जिसमें मीटर से सम्बन्धित विवाद था, इसमें दिनांक 7 अप्रैल 2016 तक अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। फिलहाल अभी तक आख्या पहुच नही पायी है।

Vaidambh Media

 

 

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