फिर हिली धरती , दहशत मे लोग

           नेपाल में कोडारी था भूकंप का केन्द्र

                        तीव्रता 7.4

   bhukampNew Delhi/ Gorakhpur:   काठमांडू में आए भूकंप की तबाही को  लोग अभी भूले भी नहीं कि फिर एक बार हिमालय के तलहटी वाले नेपाल  क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए। मंगलवार दोपहर 12.38 बजे पूरे उत्तर भारत में एक मिनट तक भूकंप के झटके महसूस किए गए।  मिली जानकारी के अनुसार नेपाल में दोबारा आए भूकंप के भारी झटकों से अब तक 36 लोगों की मौत हो गई है, जबकि एक हजार से ज्यादा के घायल होने की बात कही जा रही है। भारत के उत्तर और उत्तर पूर्व में स्थित कई राज्यों में भूकंप के झटके महसूस किए गए. हज़ारों लोग घरों, दफ़्तरों, दुकानों और अन्य इमारतों से बाहर भागे. इस भूकंप के बाद कम से कम पांच झटके महसूस किए गए. अमरीकी भूगर्भ सर्वे ने रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.4 बताई है .इस भूकंप का केंद्र काठमांडु के 83 किलोमीटर पूर्व में देहाती इलाक़े में, नेपाल-चीन सीमा के नज़दीक था.इसका केन्द्र नेपाल में कोडारी के पास जमीन से 15 किलोमीटर नीचे था। करीब 31 मिनट बाद फिर से जमीन हिली। इस बार केंद्र नेपाल के ही रामेछाप में जमीन के 15 किलोमीटर नीचे था। इस भूकंप की तीव्रता 6.3 मापी गई। भूकंप का केन्द्र काठमांडू और माउंट एवरेस्ट के मध्य है।

                                                                           दुनियाभर से > Pray For Nepal
n3भूकंप प्रभावित क्षेत्रों से लोग व्हाट्सऐप, ट्विटर पर लगातार जानकारी दे रहे हैं. कोई ट्वीट के ज़रिए तो कोई व्हाट्सऐप पर ट्विटर पर हैशटैग ‘Pray For Nepal’ चलने लगा. काठमांडू घाटी में ललितपुर से बिशाल ने संदेश भेजा, “मैं मोटरसाइकिल पर था जो बुरी तरह हिली. दूसरी मोटरसाइकिल पर सवार मेरा दोस्त गिर गया. हमें धूल चारों तरफ़ उड़ती नज़र आ रही थी.”

नेपाल के रामेछाप में एक अस्पताल में काम कर रहे डॉक्टर नबीन सिन्जाली ने लिखा, “अभी-अभी एक आफ़्टरशॉक आया है. यह बहुत तगड़ा था. हम अस्पताल के बाहर हैं और डरे हुए हैं. पिछले भूकंप में अस्पताल थोड़ा क्षतिग्रस्त हो गया था जो अब ज़्यादा हो गया है.”prey

छात्र रूपक राज सुनुवार ने व्हाट्सऐप पर मैसेज किया, “काठमांडू घाटी में हम लोग डर के साए में जी रहे हैं और इस भूकंप ने इसे और बढ़ा दिया है. हम चौथे माले पर हैं… और यहां छोटे-छोटे झटके भी साफ़ महसूस होते हैं.” लाहौर, पाकिस्तान से आमिर ने लिखा, “मैं अपने लाहौर ऑफ़िस में बैठा हुआ था और मुझे झटके महसूस हुए. मैंने नेपाल में एख दोस्त को संप्रक किया जिसने मुझे बताया कि यह 7.4 तीव्रता का भूकंप था. न्यूज़ साइट्स पर कहा जा रहा है कि भारत, दिल्ली, में भी यह महसूस किया गया. लेकिन यह पाकिस्तान में भी महसूस किया गया.”
                                      बिहार में भूकंप से मौत, बंगाल में आठ घायल, मेट्रो का संचालन ठप्पpatient

भारत में इस भूकंप के झटके उत्तर प्रदेश, राजधानी दिल्ली, पश्चिम बंगाल और बिहार के विभिन्न हिस्सों में महसूस किए गए.पटना से स्थानीय पत्रकार ने बताया कि बिहार आपदा नियंत्रण कक्ष ने पटना, सीवान और दरभंगा में तीन लोगों की मौत की ख़बर है. n1

लोगों को अगले 48 घंटे तक सतर्क रहने को कहा गया है.इसके अलावा पांच लोगों के घायल होने की भी ख़बर है जिनमें से तीन गोपालगंज और दो मुंगेर  के  हैं. भूकंप के झटके दिल्ली एनसीआर, चंड़ीगढ़, पंजाब, बिहार, बंगाल, यूपी, झारखंड़, उत्तराखंड तथा आसपास के क्षेत्रों में महसूस किए गए। लोग डर से अपने घरों और बिल्डिंग से बाहर निकल आए। भूकंप के झटकों के बाद दिल्ली मेट्रो का संचालन रोक दिया गया।  भूकंप से पश्चिम बंगाल में नेपाल से सटे दार्जलिंग जिले के सिलीगुड़ी में आठ लोग घायल हो गए. सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नर के दफ्तर की चारदीवारी भी गिर गई.शहर के कई मकानों में दरारें आ गईं. भूकंप के बाद सिलीगुड़ी कॉलेज में खुले आसमान के नीचे मैदान में ही परीक्षा ली गई.सिलीगुड़ी से सटे जलपाईगुड़ी में एक स्कूल ढह गया, लेकिन उसमें किसी के घायल होने की सूचना नहीं है.राजधानी कोलकाता में 14 मंजिला राज्य सचिवालय खाली करा लिया गया. कोलकाता मेट्रो की सेवाएं भी तुरंत रोक दी गईं. महानगर के तमाम स्कूलों में छुट्टी दे दी गई. यहां एक सरकारी इमारत में दरार आई है.

                                                                                       अभिभावक रहे परेशान

earthquake-3सोनौली बार्डर से सटे गोरखपुर- महराजगंज जिलो में भूकम्प का सदमा लोगांे के जेहन से अभी निकल नही पा रहा कि झटका खा जा रहे है। बड़े मुश्किल से बच्चों ने स्कूल जाना शुरु किया था कि फिर मंगलवार दोपहर अफरा- तफरी मच गयी। शहर के बीचोबीच गोलघर में लोग घ्ंाटो खडै रहे। फरेंदा व नौतनवां तहसील प्रशासन ने लोगों को खाली जगहं पर जाने की अपील करते हुए धैर्य रखनें की गुजारिश की। इस बीच अचानक मोबाइल काम करना बंद कर दिया जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई खासकर अभिभावक जिनके बच्चे रूकूल में थे। गोरखपुर में भूकम्प पीड़ित शिविर में इलाज करा रहे लोग भी सदमें में थे। उन्हे नेपाल व भई बन्धुओं की चिंता थी। अब भी लोग वापस अपने घर में जाने की हिम्मत नही कर पा रहे।

                                  हिल गई नेपाल नेशनल असेंबली की इमारत National_Assembly_House_Nepal

नेपाल में मंगलवार को जब भूकंप का जोरदार झटका आया, उस वक्त नेशनल असेंबली की बैठक चल रही थी। झटकों से नेशनल असेंबली की इमारत भी हिल गई और वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आनन-फानन में नेता इमारत से बाहर निकल गए।

 

पीएम मोदी ने ली जानकारी

modiप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भूकंप के बारे में जानकारी ली है। उन्होंने संबंधित विभागों को राहत और बचाव कार्यो के लिए अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।

 

 

 

            राजनाथ सिंह ने कहा > भूकंप से कोई खतरा नहीं है !

rajnathभारतीय गृह मंत्रालय के अनुसार ये झटके दो भूकंपों के कारण महसूस किए गए। एक का केन्द्र चीन और नेपाल की सीमा पर था जिसकी तीव्रता 7.1 थी जबकि दूसरे का केन्द्र अफगानिस्तान में थी और इसकी तीव्रता 6.9 थी। वहीं अमरीकी एजेंसी के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.4 था। वहीं गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि, भूकंप से कोई खतरा नहीं है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। गृह मंत्रालय और अधिक जानकारी जुटा रहा है। नेपाल को जो भी मदद चाहिए होगी दी जाएगी !

                                                                                                        Vaidambh Media

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