सबका विकास : त्रिदेवी तिलिस्म से उबर पायेगा संसद का मानसून सत्र !

विकास की जगह   सुषमा.. स्मृति ..पंकजा..  इन पर होगी बहस…?

Sushma_Swarajनई दिल्ली: देश में विपक्ष जब कमजोर हो तो उसे हर वक्त सरकार की गलती पर पैनी नजर रखनी होती है , जबकि सरकार को ऐसे समय में बहुत सतर्क कदम उठाने होते हैं,  लेकिन यहाॅ किसी को इस बात की परवाह नही। गलती करने वाला गलत करने से परहेज नही कर रहा और कमी निकालने वाला हल्ला मचा रहा है. हालत ये है कि जिस विकास  का जनता इंतजार  कर रही है वह  कोसो दूर मृग मरीचिका  सदृश दिख रहा है। फिलहाल विपक्ष घेर रहा है और सत्ता पक्ष घिर रहा है। वर्षों से यह खेल भारतीय लोकतंत्र में जारी है। ललित मोदी प्रकरण में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के विवाद में आने के बाद केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के डिग्री मामले व महाराष्ट में पंकजा मुण्डे का घिरना ये मामले   अदालत में पहुंचने से विपक्ष को नरेंद्र मोदी सरकार को मानसून सत्र में संसद के भीतर और बाहर घेरने का मौका मिल गया है।

रानी साहिबा की राजनीति…!

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श्रीमती स्वराज और श्रीमती राजे को लेकर मामला पहले से ही सुर्खियों में है और मोदी सरकार की परेशानी अब उस समय और बढ़ गई, जब राजधानी की एक निचली अदालत ने श्रीमती ईरानी की शैक्षिक डिग्री के बारे में दायर याचिका सुनवाई के लिए आज मंजूर कर ली और 28 अगस्त सुनवाई की अगली तिथि तय की। श्रीमती ईरानी का मामला उठने पर विपक्ष खासतौर से कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें भी तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है। कांग्रेस ने कहा कि वह इस मामले को संसद के भीतर और बाहर जोर शोर से उठाएगी और इसकी शुरूआत कल जंतर मंतर पर प्रदर्शन से होगी।

 ईरानी ने अपनी शैक्षिक डिग्री के बारे में अलग-अलग ब्योरा दिया

New Pictureदूसरी ओर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष की मांग ठुकराते कहा कि उनकी सरकार का कोई भी मंत्री इस्तीफा नहीं देगा। श्रीमती ईरानी के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने लोकसभा और राज्यसभा के चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करते समय निर्वाचन आयोग के समक्ष जो हलफनामे पेश किये थे, उनमें उन्होंने अपनी डिग्री के बारे में अलग-अलग ब्योरा दिया था। आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष ने संवाददाताओं से कहा कि श्रीमती ईरानी ने तीन हलफनामों में अपनी शैक्षिक योग्यता के बारे में जो अलग अलग जानकारी दी उससे उनके झूठ बोलने की पुष्टि होती है। दिल्ली पुलिस को उनके खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए और प्रधानमंत्री को उन्हें बर्खास्त कर देना चाहिए।

कमबख्त राजनीति !

pankja mundeकांग्रेस के प्रवक्ता एवं दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि अदालत ने श्रीमती ईरानी के डिग्री मामले को सुनवाई के योग्य माना है, जिससे उनकी डिग्री पर प्रश्नचिह्न लग गया है। उन्होंने श्रीमती ईरानी के डिग्री के मामले को बहुत गंभीर बताते हुए कहा कि उन्होंने 2004 में चुनाव आयोग में दिये गये हलफनामे में अपनी शैक्षणिक योग्यता दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल आफ कॉरेस्पॉडेंस से बी ए (1996) बतायी थी, लेकिन 2011 में आयोग में एक अन्य हलफनामे में शैक्षणिक योग्यता कॉरेस्पॉडेंस स्कूल से ही बी काम पार्ट वन (1994) बतायी।

            माकन ने कसी कमान

ajai makanइसके बाद 2014 में आयोग में ही एक और हलफनामे में उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल आफ ओपन लर्निंग से बी काम पार्ट वन (1994) बतायी। श्री माकन ने सवाल किया कि क्या यह सही होगा कि श्रीमती ईरानी की डिग्री की जांच हो और वह मानव संसाधन मंत्री पद पर बनी रहें। उन्होंने कहा कि उनके पद पर बने रहने से जांच प्रभावित होगी। कांग्रेस नेता ने उनसे इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि यदि वह ऐसा नहीं करती हैं तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उन्हें पद से हटा देना चाहिये। इस बीच भाजपा के प्रवक्ता संवित पात्रा ने कहा कि श्रीमती ईरानी के मामले की तुलना दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेन्द्र सिंह तोमर के डिग्री मामले से नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि श्री तोमर के खिलाफ फर्जी डिग्री मामले को लेकर पुलिस ने जांच की थी और फिर मामला दर्ज किया था जबकि श्रीमती ईरानी के मामले में सिर्फ हलफनामा दायर करते समय लिखने में त्रुटि हुई है.

  घोटाला  206 करोड़..!

pakajaaइधर महाराष्ट्र सरकार में वुमेन एंड चिल्ड्रेन डेवलपमेंट मिनिस्टर पंकजा मुंडे पर 206 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगा है। आरोप है कि मुंडे ने नियमों की अवहेलना कर कंट्रैक्टर को 206 करोड़ रुपए का ऑर्डर दे दिया। मुंडे ने 13 फरवरी को 24 गवर्नमेंट रिजोल्यूशन के जरिए खरीददारी का आदेश दिया था। पंकजा मुंडे द्वारा एक दिन में 24 गवर्नमेंट रिजॉल्यूएशन लाया गया जो कि महाराष्ट्र में एक रिकॉर्ड है। कांग्रेस अब इस मामले को लेकर एसीबी में जाने की तैयारी कर रही है।

Vaidambh Media

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