हृदय सम्राट हैं तो आलोचना व प्रशंसा दोनो भले , पर देश का क्या ?

नरेंद्र मोदी और इंदिरा गांधी भावनात्मक रिश्ता के शिखर पर !

New Delhi: आप जितना इस बारे में सोचेंगे, नरेंद्र मोदी और इंदिरा गांधी के बीच तुलना के लिए उतना ही प्रवृत हो जाएंगे। इंदिरा गांधी देश की आखिरी ऐसी प्रधानमंत्री थीं जिन्होंने जनता के साथ भावनात्मक रिश्ता कायम किया था। modiउनके स्मारक पर आने वाले लोगों की संख्या तीन मूर्ति मार्ग के दूसरे छोर पर स्थित नेहरू संग्रहालय की तुuno indiraलना में बहुत ज्यादा होती है। दीर्घावधि के हिसाब से उन्होंने अर्थव्यवस्था को चाहे जितनी क्षति पहुंचाई हो और भ्रष्टचार को चाहे जितना बढ़ावा दिया हो लेकिन देश के गरीब हमेशा यही मानते रहे कि वह उनके साथ खड़ी हैं। श्रीमती गांधी के बाद नरेंद्र मोदी ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने लोगों के साथ समतुल्य जुड़ाव पैदा किया है। भविष्य में चाहे जो हो लेकिन वह तमाम हिंदुओं के लिए हृदय सम्राट बने रहेंगे। ये वो लोग हैं जो मानते हैं कि मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं जो पूरी तरह उनके हैं।

श्रीमती गांधी की तरह मोदी भी अपनी प्रतिक्रिया जनसभाओं में ही देते हैं

ठीक श्रीमती गांधी की तरह मोदी के विरोधी भी जितना उनके बारे में बोलेंगे, उनके और जनता के बीच का जुड़ाव भी उतना ही मजबूत होगा। indira gandhiगुजरात में ऐसा हो चुका है और शायद विंध्य पर्वतमाला के उत्तर में भी यही हो रहा है। मोदी का कद वैसा है जैसा श्रीमती गांधी के बाद किसी का नहीं हुआ। श्रीमती गांधी की तरह वह भी सीधे जनता तक पहुंच रखते हैं। उनको किसी मध्यस्थ की आवश्यकता नहीं। उनकी पार्टी को उनकी जरूरत उससे ज्यादा है जितनी कि उनको पार्टी की। जरा कल्पना कीजिए कि बिना मोदी के भाजपा का बिहार प्रचार अभियान कैसा होता? जब श्रीमती गांधी सत्ता में आईं तो वह अधिकांश लोगों को स्वीकार्य थीं। तकरीबन तीन साल की अवधि में उन्होंने अंग्रेजी भाषी मीडिया से दूरी बना ली और वाचाल शहरी वर्ग से विमुख रहीं। पूरी तरह तो नहीं लेकिन काफी हद तक ऐसा ही मोदी के साथ भी हुआ। जो लोग मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में नई शुरुआत का मौका देना चाहते थे उनको भी लगा कि वास्तव में वह तो वही पुराने मोदी हैं। श्रीमती गांधी की तरह मोदी भी उनकी और उनकी बातों की अनदेखी करते हैं। श्रीमती गांधी की तरह ही वह भी अपनी प्रतिक्रिया जनसभाओं में ही देते हैं। इंदिरा गांधी की ही तरह उनके मन में भी मीडिया के लिए कोई सम्मान नहीं है।

राजनीतिक चेतावनी !

लेकिन एक बात यह भी है कि अत्यधिक वाचाल वर्ग कई बार पिंजरे में गाने वाले पंछी की भूमिका भी निभाता है। जब वह राजनीतिक वर्ग के प्रतिकूल हो जाता है तो यह एक किस्म की राजनीतिक चेतावनी होती है। congreshराजीव गांधी और विश्वनाथ प्रताप सिंह के साथ ऐसा हो चुका है। वाचाल वर्ग से इनकी दूरी राजनीतिक पतन की शुरुआत थी। श्रीमती गांधी की बात करें तो उनका पतन वाचाल वर्ग की वजह से नहीं हुआ लेकिन अगर उन्होंने इस वर्ग की बातें सुनी होतीं तो वे कुछ अहम गलतियां करने से बच सकती थीं। उन्होंने सूखे के बीच ही खाद्यान्न के थोक व्यापार का राष्टरीयकरण कर दिया था। Har-HaR-Modiखाद्यान्न की बढ़ती कीमतों ने छात्र आंदोलन को जन्म दिया जो आगे चलकर एक व्यापक भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में तब्दील हो गया। सन 1974 में रेलवे की हड़ताल से वह जिस सख्ती से निपटीं उसने बड़ी संख्या में लोगों को उनसे दूर कर दिया। आपातकाल दरअसल खराब अर्थशास्त्र, संस्थाओं के प्रभाव को सीमित करने तथा सत्ता के केंद्रीकरण की परिणति था और यही उनकी बेदखली की वजह बना।

अपने आलोचकों को  तवज्जो देंगे मोदी  ?

श्रीमती गांधी के बाद मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिनके पास भारतीय व्यवस्था में बदलाव की क्षमता और इसके इरादे दोनों हैं।INDIRA_GANDHI_ श्रीमती गांधी ने सत्ता के साथ किसी बड़े आर्थिक या सामाजिक एजेंडे को आगे नहीं बढ़ाया। उनका ध्यान केवल निजी एजेंडे पर था। उन्होंने कई लक्ष्मण रेखाएं लांघीं और इसकी कीमत भी चुकाई। मोदी का एजेंडा उनके स्व से परे है और उन्होंने यह तय कर लिया है कि वह उन लोगों की लगाम नहीं खींचेंगे जो सामाजिक और बौद्घिक स्तर पर अनुदारता को बढ़ावा दे रहे हैं। जिस तरह श्रीमती गांधी के वक्त यह पता नहीं था वह अपनी चाल में कामयाब हो सकेंगी या नहीं उसी तरह हम नहीं जानते कि मोदी दूर तक जाएंगे या जल्दी ठहर जाएंगे? माहौल तो यही बता रहा है कि दादरी जैसी और घटनाएं देखने को मिलेंगी? ऐसे में अगर मोदी अपने आलोचकों को थोड़ी तवज्जो देंगे तो इससे उनका नुकसान नहीं होगा। उन्हें उनके वोट भले नहीं मिलें लेकिन वे उनको गलतियां करने से रोक सकते हैं। (B.S.)
टी. एन. नाइनन

 

Previous Post
Next Post

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

hogan outlet online scarpe hogan outlet nike tn pas cher tn pas cher nike tn 2017 nike tn pas cher air max pas cher air max pas cher air max pas cher air max pas cher air max pas cher scarpe hogan outlet scarpe hogan outlet scarpe hogan outlet scarpe hogan outlet scarpe hogan outlet scarpe hogan outlet chaussures louboutin pas cher chaussures louboutin pas cher chaussures louboutin pas cher chaussures louboutin pas cher chaussures louboutin pas cher chaussures louboutin pas cher