30 जून 2016 को बदल जायेगा भाारत- बंग्लादेशा का नक्शा

31 जुलाई को होगा विलय

indo-bangladesh-borderनई दिल्ली: भारत एवं बंगलादेश के बीच 41 साल पहले हुए सीमा भूमि आदान- प्रदान समझौते की वैधानिक निष्कर्ष को एक साल के अंदर जमीन पर उतार लिया जाएगा और 30 जून 2016 को दोनों देशों के मानचित्र इस करार के अनुरूप बदल जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पिछले सप्ताह बंगलादेश यात्रा के दौरान उनकी और मेजबान प्रधानमंत्री शेख हसीना की मौजूदगी में 1974 के बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान और इंदिरा गांधी के बीच हुए समझौते एवं 2011 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और शेख हसीना के बीच हस्ताक्षरित प्रोटोकॉल के अनुमोदन पत्रों पर हस्ताक्षर के बाद उनका आदान प्रदान किया गया।

 31 जुलाई 2015 को  होगा विलय, 58 हजार लोग होंगे इधर – उधर !border

  17160.63 एकड़ जमीन 111 गांव भारत देगा

  7110.02 एकड़ जमीन ,51             गांव बांग्लादेश देगा

इन दस्तावेजों में इस समझौते के कार्यान्वयन की रूपरेखा के दस्तावेज भी शामिल था। इस करार से कुल 17160.63 एकड़ क्षेत्रफल के 111 गांवों या बस्तियों का बांग्लादेश को हस्तांतरण होना है, जबकि बांग्लादेश को 51 गांव या बस्तियां भारत को हस्तांतरित करनी हैं, जिनका कुल रकबा 7110.02 एकड़ है। जानकारों के अनुसार भारत की सीमा से घिरी बंगलादेश की बस्तियों में करीब 34 हजार लोग रहते हैं और बांग्लादेश की सीमा से घिरी भारतीय बस्तियों में लगभग 14 हजार लोग रहते हैं। ऎसा माना जा रहा है कि अधिकतर लोग बांग्लादेश की ही नागरिकता ग्रहण करेंगे। भारतीय अधिकारियों का अनुमान है कि करीब तीन से चार हजार लोग ही भारत की नागरिकता ग्रहण करेंगे।

31 जुलाई 2015 इस तिथि को दस्तावेज में “एप्वॉन्टमेंट डे” कहा गया है

CAPTION : Villagers show their Voter Identity card to the Indian Border Security personnel to prove their nationality as an bonafide Indian citizen, who live out of the barbed wire fence on India-Bangladesh international border at Sadelerkuti, about 789 kilometres northeast of  Calcutta, capital of North-Eastern Indian State of  West Bengal, Wednesday, May 05, 2004, when the personnel of  the Indian Border Security Force are checking the identity of the villagers as prequationary measures before Indian Parliamentary Election, while Indian state shares the 04,096.70 kilometres international border with Bangladesh. (Photo/Shib Shankar Chatterjee)

photo: Shib Shankar Chatterjee

 

क्रियान्वयन की रूपरेखा के दस्तावेज के अनुसार भारत की सीमा में स्थित बंगलादेश की बस्तियों का भारत में और बंगलादेश की सीमा स्थित भारतीय बस्तियों का बंगलादेश में विलय 31 जुलाई 2015 की मध्यरात्रि को हो जाएगा। इस तिथि को दस्तावेज में “एप्वॉन्टमेंट डे” कहा गया है। इस तिथि के पहले दोनों देशों के सरकारी प्रतिनिधियों का एक संयुक्त दल इन बस्तियों का दौरा करेगा।

CAPTION : Villagers show their Voter Identity card to the Indian Border Security personnel to prove their nationality as an bonafide Indian citizen, who live out of the barbed wire fence on India-Bangladesh international border at Sadelerkuti, about 789 kilometres northeast of Calcutta, capital of North-Eastern Indian State of West Bengal, Wednesday, May 05, 2004, when the personnel of the Indian Border Security Force are checking the identity of the villagers as prequationary measures before Indian Parliamentary Election, while Indian state shares the 04,096.70 kilometres international border with Bangladesh.

                                                                               Vaidambh Media

 

 

 

 

 



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