MMMUT की साख पर बट्टा लगाने की तैयारी

mmmtu logo

प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 20 को होना है साक्षात्कार
अपने को जगह देने की कवायद में प्रबंधन बोर्ड
कुलपति व सरकार की नीयत पर संदेह

ब्यूरो  कार्यालय, गोरखपुर । मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में पहली बार प्रोेफेसरों की भर्ती प्रक्रिया हो रही है। प्रथम बार में ही अनियमितता के साथ-साथ भ्रष्टाचार का बीजारोपण करने की भी प्रक्रिया को बड़ी समझदारी के साथ अंजाम दिया जा रहा है। यह कार्य प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय की प्रबंधन बोर्ड व  लिम्का  बुक आॅफ वल्र्ड रिकार्ड में नाम दर्ज करा चुके प्रतिष्ठित कुलपति ओंकार सिंह यादव की देखरेख में किया जाना है।

ज्ञात हो कि मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय एक दिसम्बर 2014 को पूरे एक वर्ष की आयु पूरी कर चुका है। इस विश्वविद्यालय के स्टेयूट्स आज तक प्रदेश सरकार द्वारा पास नहीं किया गया। ऐसे समय में जानकारों के मुताबिक स्टेयूट्स के बिना सलेक्शन कमेटी बुलाना विधिक नहीं है। इन्हीं सभी के बीच 17 जून 2014 को विश्वविद्यालय के प्रबंधन बोर्ड ने बैठक बुलाकर योग्यता व अर्हता निर्धारित कर प्रोफेसरों की नियुक्ति के लिए एक विज्ञापन जारी कर दिया। विज्ञापन जारी होना अच्छी बात है लेकिन ऐन साक्षात्कार से पूर्व निर्धारित योग्यता में बदलाव और उसका पुनः विज्ञापित नहीं होना विश्वविद्यालय प्रबंधन बोर्ड की नैतिकता पर सवाल खड़ा करता है। 17 जून को प्रकाशित विज्ञापन में ही दोहरे मापदण्ड दिखाई देते हैं। विज्ञान व मानविकीय विषय में नियुक्ति हेतु एआईसीटीई के नये नियम 8 नवम्बर 2012 के अनुसार लागू कर योग्यता निर्धारित की गयी, जबकि इंजीनियरिंग में शिक्षकों की नियुक्ति हेतु इसी नियम को शिथिल कर दिया गया। इंजीनियरिंग कालेज के अल्युमिनाई छात्र आमोल कुमार यादव द्वारा राज्यपाल को इन सभी मामलों का एक शिकायती पत्र दो दिसम्बर 2014 को भेजा गया जिस पर अभी तक कोई संज्ञान लेने की सूचना प्रेषक को प्राप्त नहीं हुयी है जबकि प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय प्रबंधन बोर्ड की नियुक्ति प्रक्रिया सम्पादित करने की बैठक 20 दिसम्बर 2014 को होनी है। यदि 17 जून के विज्ञापन पर ही गौर करें तो आरक्षण रोस्टर के नियमों में शासनादेश संख्या 3742/2002 सोलह 1-134/94 टीसी दिनांक 29 नवम्बर 2002 का पालन नहीं किया गया। उक्त विज्ञापन में 20 प्रतिशत महिला आरक्षण का भी ध्यान नहीं दिया गया, साथ ही भर्ती प्रक्रिया को एसटी को विज्ञापन से बाहर रखा गया है।

देश-विदेश में प्रतिष्ठित मदन मोहन मालवीय के नाम पर स्थापित प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में प्रथम नियुक्ति प्रक्रिया ही भ्रष्टाचार व अनैतिकता की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। महामना के नाम के साथ-साथ वहां ट्रिपलएमटीयू के कुलपति भी विश्व प्रसिद्ध व्यक्ति है। उनकी भी साख पर इस नियुक्ति प्रक्रिया में अनैतिकता के कारण बट्टा लग सकता है। प्रबंधन बोर्ड व कुलपति के संस्तुति के बाद ही विज्ञापन जारी किये जाते हैं। ऐसे में इस पूरे मामले में कुलपति का घिरना तय है। विभागीय सूत्रों की माने तो विज्ञापन प्रकाशित होने के तीन माह बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन बोर्ड की बैठक में अपने प्रियजनों को नियुक्ति करने के जुगाड़ में मूल विज्ञापन में निर्धारित योग्यता ही सुविधानुसार बदल दी गयी। नाम गोपनीय रखने के आश्वासन पर प्रबंधन बोर्ड के ही एक सदस्य के मुताबिक कानपुर के एक प्रोफेसर का चयन तो महज खानापूर्ति रह गया है। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रबंधन बोर्ड की बैठक 23 अगस्त 2014 को हुयी जिसमें योग्यता व रोस्टर प्रणाली में परिवर्तन कर दिया गया। आगरा विश्वविद्यालय की बीआर अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा के एक मामले में हाईकोर्ट में रिट संख्या 393334/2012 तथा ए-नं.37811/2013 में विभागवार आरक्षण दिये जाने के स्पष्ट आदेश विश्वविद्यालय को दिये गये हैं। जबकि यहां प्रक्रिया को विश्वविद्यालय स्तर पर रखा गया है। यह प्रश्न लाजिमी है कि प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय बिना सरकार द्वारा स्ट्टयूट्स जारी किये भर्ती प्रक्रिया सम्पादित करने जा रहा है। यहां स्पष्ट कर दे कि एक ही विश्वविद्यालय के दो विभागों में अलग-अलग नियम लागू नहीं किये जा सकते। जानकार बताते हैं कि विश्वविद्यालय में भर्ती प्रक्रिया के लिए विभागवार आरक्षण देखा जाता है। यहां रोस्टर और आरक्षण प्रक्रिया की धज्जी उड़ा दी गयी। चुनिन्दा लोगों से मिलने वाले कुलपति ओंकार सिंह यादव ने इस मामले में बातचीत करने गये संवाददाता से मिलने से मना कर दिया।

 

For English view click here 

Previous Post
Next Post

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

hogan outlet online scarpe hogan outlet nike tn pas cher tn pas cher nike tn 2017 nike tn pas cher air max pas cher air max pas cher air max pas cher air max pas cher air max pas cher scarpe hogan outlet scarpe hogan outlet scarpe hogan outlet scarpe hogan outlet scarpe hogan outlet scarpe hogan outlet chaussures louboutin pas cher chaussures louboutin pas cher chaussures louboutin pas cher chaussures louboutin pas cher chaussures louboutin pas cher chaussures louboutin pas cher