अमेरिकी सड़क पर विना चालक के कार भरेगी फर्राटा !

   गुगल चलायेगा बिना चालक के कार !

Washington :  अगर गूगल मैप के सहारे गाड़ी बिना ड्ाइवर के आपको शहर में घुमाये तो कैसा लगेगा ! है ना थेड़ा हटके; आप यदि ऐसा डिृम देखते हैं तो सही हैं ! गुगल अब बिना चालक के कार सड़क पर उतारने जा रहा है ।google इस पर अमेरिकी सरकार की सहमति भी जल्दी मिल जाने की उम्मीद के साथ यह सपना पूरा होने वाला है। गूगल की स्वचालित वाहन इकाई ने 12 नवंबर को एक स्वचालित वाहन के लिए प्रस्तावित डिजाइन विनियामक को सौंपा था। इस गाड़ी को चलाने के लिए किसी मानवीय चालक की जरूरत नहीं होती है।  अमेरिका में विनियामक का बयान सड़कों पर स्वचालित वाहनों की मंजूरी के लिहाज से काफी महत्त्वपूर्ण है। अमेरिकी वाहन सुरक्षा विनियामक ने कहा है कि खुद से चलने वाली गूगल कार में इस्तेमाल की जाने वाली कृत्रिम आसूचना प्रणाली को केंद्रीय कानून के तहत चालक के रूप में स्वीकार किया जा सकता है। नैशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन ने गूगल को अपने फैसले के बारे में बताया और इस पत्र को इस हफ्ते एजेंसी की वेबसाइट पर प्रकाशित किया।
स्वचालक प्रणाली को  माना जाएगा चालक !
एनएचटीएसए के पत्र में कहा गया कि एनएचटीएसए गूगल के मोटर वाहन डिजाइन के संदर्भ में स्वचालक प्रणाली को चालक माना जाएगा।googal car गूगल जैसी प्रमुख वाहननिर्माता और प्रौद्योगिकी कंपनियां वाहन विकसित करने और बेचने की होड़ में लगी हुई हैं जो कुछ समय तक खुद से चल सकती हैं। स्वचालित गाडिय़ों के फेर में पड़े सभी प्रतिभागियों की शिकायत है कि राज्यों के और केंद्रीय सुरक्षा कानून ऐसे वाहनों के परीक्षण और प्रयोग के आड़े आ रहे हैं। कैलिफोर्निया ने स्टिरिंग व्हील और लाइसेंसधारक चालकों को जरूरी बताते हुए मसौदा नियमों का प्रस्ताव पेश किया है।

गुगल की बिस्तारवादी नीति !
केले ब्लू बुक ऑटोमोटिव रिसर्च फर्म के वरिष्ठï विश्लेषक कार्ल ब्रॉर ने कहा कि इन स्वचालित वाहनों को लेकर अब भी कई महत्त्वपूर्ण कानून सवाल हैं।google-street-viewउन्होंने कहा कि लेकिन अगर एनएचटीएसए कृत्रिम प्रणाली को मानव नियंत्रित वाहनों का एक उचित विकल्प मानने के लिए तैयार हो गया है तो इससे सड़कों पर स्वचालित वाहनों को उतारने की प्रक्रिया को सरल बनाने में मदद मिलेगी। अगर वाहन का कंप्यूटर कानूनी उद्देश्य के लिए चालक मान लिया जाता है तो इससे गूगल या अन्य वाहननिर्माताओं के लिए वाहन प्रणाली डिजाइन करने का रास्ता साफ हो सकता है जो वाहन के कृत्रिम पायलट से सीधे संचार कर सकता है। CAR_ACCIDENTगूगल को भेजे गए अपने जवाब में केंद्रीय एजेंसी ने सड़कों पर पूर्ण स्वचालित वाहनों को उतारने में पेश आने वाली कानूनी बाधाओं का उल्लेख किया है। इस जवाब में कहा गया है कि मौजूदा कानूनों के मुताबिक कुछ वाहन सुरक्षा उपकरणों को तत्काल नहीं हटाया जा सकता है, इन जरूरी मानकों में पैरों से नियंत्रित होने वाली बे्रकिंग प्रणाली भी है। एनएचटीएसए ने कहा, ‘अगला सवाल यह है कि क्या और कैसे गूगल यह प्रमाणित कर सकेगी कि स्वचालन प्रणाली मानव चालक की जरूरत को पूरा करने के लिहाज से विकसित और डिजाइन की गई है।’ कंपनी के एक प्रवक्ता ने बताया कि गूगल अभी भी एनएचटीएसए के भारी भरकम जवाब का आकलन कर रही है। गूगल के अधिकारियों का कहना है कि स्वचालित गाडिय़ां बनाने के लिए उन्हें स्थापित वाहन निर्माताओं से गठजोड़ करने में कोई समस्या नहीं है।
ऑटो सेफ्टी खूबियां हैं असली खतरा !
गूगल ने एनएचटीएसए को बताया कि असली खतरा ऑटो सेफ्टी खूबियां हैं जिसकी वजह से लोग नियंत्रण लेने की कोशिश कर सकते हैं।google-car-too-cautious-for-real-traffic एनएचटीएसए के पत्र के मुताबिक गूगल ने इस बात को लेकर चिंता जाहिर की है कि अगर स्टिरिंग, एक्सीलरेशन और ब्रेकिंग जैसी प्रणालियों पर मानवीय नियंत्रण होने से सुरक्षा को लेकर खतरा पैदा हो सकता है क्योंकि मानवीय नियंत्रक स्वचालन प्रणाली के फैसलों को बदलने की कोशिश कर सकते हैं। googal car ac एनएचटीएसए का कहना है कि गूगल की गाडिय़ां पेश किए जाने से पहले स्टिरिंग व्हील और ब्रेक पैडल जैसे उपकरणों को आवश्यक बताने वाले केंद्रीय कानूनों को औपचारिक रूप से बदलना होगा। उदाहरण के लिए मौजूदा नियमों के मुताबिक टायर में हवा कम होने की जानकारी डैशबोर्ड पर होनी जरूरी है। एनएचटीएसए का कहना है कि यह दिखाने के लिए एक परीक्षण करना जरूरी है कि वाहन कंप्यूटर को समस्या की पूरी जानकारी है। नियामक ने इस बारे में सवाल किया कि क्या गाड़ी में बैठे लोगों को भी किसी समस्या की जानकारी दी जानी चाहिए। जनवरी में नियामक ने कहा कि अमेरिका में स्वचालित गाडिय़ों के विकास को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयास के तहत अधिक चालकरहित गाडिय़ों को अनुमति देने के लिए वह वाहन सुरक्षा के कुछ नियमों में छूट देने के बारे में विचार कर सकता है।

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