चुनावी आगाजः सौगात के साथ किसानों को वोट के लिये सचेत कर गये मोदी !

 Gorakhpur :  एनडीए सरकार की उपलब्धि, उद्घाटन, प्रचार-प्रसार के संयुक्तक्रम में आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदर भाई मोदी गोरखपुर के फर्टीलाइजर मैदान पहुॅचे। हमेशा की तरह प्रधानमंत्री मोदी मंच पर देश और प्रदेश के मंत्री तथा बड़े पार्टी नेताओं के साथ विराजमान रहे। भजपा का केन्द्रविन्दु बन चुके नरेन्द्रमोदी आज अपने उद्बोधन के समय जनसमूह के समक्ष अभिभावक, मित्र और जनहितैशी बनें रहनें के सार्थक प्रयास में नजर आये। उन्होने मंच से अपने मुताबिक जन-संवाद स्थापित कर लोगों को अपने से जोड़े रखा। उन शब्दों का प्रयोग किया जो सीधे सरल रहे और जनता की समझ के लायक थे, किसानों को भरोसा देकर अपनीं महत्वाकाॅक्षी उम्मीद उन्हें सौंपते हुए मोदी किसानों को आगामी लोक सभा चुनाव में हमें ही चुनना, इसकी हामी भराते गये।

लाल बहादुर शास्त्री का नारा व जिक्र काॅग्रेस पर निशाना

किसान रैली में उन्होने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री का लोकप्रिय नारा ‘जय जवान – जै किसान‘ बोल कर अपने उद्बोधन की शुरुआत की। यह राष्ट्रीय नारा 1965 में भारत-पाक युद्ध के दौरान देश के जवाॅनों एवं किसानों के श्रम को दर्शाता है। हलांकि मोदी इससे पूर्व भी यह नारा बोल चुके है और उसमें अटल जी का जै विज्ञान के साथ अपना जै अनुसंधान भी जोड़ चुके हैं। यहाॅ इसको बोलने का आशय उन्होने आगे अपने सम्बोधन में जता दिया जब उन्होने कहा कि 40 साल से भी पुरानीं योजनायें अब पूरी की जा सकीं! उसमें पिछली सरकारों की लापरवाही और मामले को लटकानें की आदत रही है ताकि किसान तबाह और परेशान रहे। उन्हाने कहाकि लालबहादुर शास्त्री जी की ईच्छा सही मायनें में आज पूरी हो रही है जब किसान को उसका हक उसके खेत तक , उसके घर तक, किसान के जेब तक पहुॅच रहा है। प्रधानमंत्री ने इसे ऐतिहासिक बताया। उन्होंनें एन चुनाव से पहले हासिल हुए मंच का सदुपयोग करते हुए जन समूह के सामने रुपये की राशि को कई बार दुहराने के साथ-साथ जनता से जवाब लेकर यह जताते रहे कि यह हमारी सरकार ने किया है और आगे की सरकारें ऐसा करेंगी इसमें दुविधा है।

हमनें  तो यूं कर दी, बहुत छोटी बात थी !

गोरखपुर के साथ देश भर के किसान व जनता को दोहरी बधाई देते हुए मोदी ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनां‘ की विशेषता के पुल बाॅधते हुए जनता को बारीकियाॅ बताते रहे। पिछली सरकारों व राजनीतिक पार्टियों को घेरेते हुए उन्होने आये हुए किसानों को यह समझानें की कोशिश जारी रखी कि यह बहुत छोटी सी बात थी हमनें यूं कर दी, और सरकारंे नहीं चाहतीं थीं कि किसान सक्षम व सशक्त हो। मोदी बिल्कुल घरेलू लहजे में संवाद जारी रखे। उन्होने किसानों से कहा कि किसान हित में निर्णय हमने लिये ताकि किसानों के चरणों में सीधी मदद अर्पित कर सकूं। जबकि काॅग्रेस छोटी-छोटी जरुरत के लिये तरसाती रही। अपनीं महत्वाकाॅछा को बतानें से पीछे नहीं रहे प्रधानमंत्री । उन्होंने कहा इन योजनाओं को किसान शुरुआत समझेें अभी बहुत सी सौगात उन्हे मिलनेंवाली है। इस योजनां के अंतर्गत 75 हजार करोड़ रुपये किसानों के हाथों में सीधा पहुॅचाया जायेगा। 5 एकड़ से कम कृषिभूस्वामी किसानों को मिलनें वाली 6000रु की वार्षिक धनराशि में उन्होनें समझा दिया कि किसान को दवा ,खाद, बीज,विजली बिल भरनें के लिये दूसरों के सामने हाथ नहीं फैलाना होगा। उन्होनंे इस बात पर जोर देते हुए कहा कि हमने नामुमकिन को मुमकिन करके दिखया है। विपक्षी दलों को महामिलावटी जैसे ब्यवहारिक शब्द से सम्बोधित करते हुए कहा कि पार्टीयों को किसान कर्जमाॅफी का बुखार चढ़ जाता हे वह भी एन चुनाव से पहले। इस वक्त उन्हे शायद यह याद नहीं रहा कि आगामी महीनों में चुनाव होने हैं। फिर भी वह अपने अंदाज में थे। उन्हाने इस बात की प्रमाणिकता दी कि वह ईमानदारी से इन बातों का जिक्र संसद में भी किये। प्रधानमंत्री का सारा फोकस किसान और पिछली सरकार की कमियाॅ तथा अन्य दलों के आगामी चुनामी वादे इसी के बीच केन्द्रित रहा। वह विरोधी दलों की ओर किसान नाम के मतदाता को फिसलने न देने के सारे प्रयास अपने भाषण में जारी रखे।

अब अन्नदाता से उर्जादाता बनेंगे किसान !

उन्होने कहा 2008 मंे काॅग्रेस यूपीए सरकार ने किसानो से झूठे वादे किये थे। मोदी ने जनता से देश भर में किसानों पर बकाया धनराशि बताई 6हजार करोड़ रुपया, फिर पूछा कितना ? यह क्रम उन्होने कई बार दुहराया। 10 साल में चुनाव के समय जाकर कर्ज माफ किया कितना? फिर दुहराया। उन्हाने बिचैलियों को दूर रखने की बात कही। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गाॅव में 90 प्रतिशत किसानों को एनडीए सरकार लाभ पहुॅचायेगी। दो करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों को मिल चुका है। किसान को सरकार अब अन्नदाता से उर्जादाता बनाने जा रही है। आनेवाले समय में सरकार 17 लाख सोलरपम्प किसानों को देगी। इसमे से 10 लाख सोलर पम्प बिद्युत ग्रीड से जुड़ंगें जिससे 500 से 2 मेगावाट तक विजली पैदा होगी। किसान द्वारा उत्पादित यह विजली सरकार खरीदेगी और उसका लाभ किसान को मिलेगा। रुपयों की बात प्रधानमंत्री ने जब-जब की जनता से दो से तीन बार उच्चारित कराना नहीं भूले। उन्हाने जितनी योजनाओं का जिक्र किया उसको यह समझाते रहे कि यह आपके लिये है। 9 हजार करोड़ रुपये की गैस पाइप लाइन परियोजना का जिक्र भी इसी तरह किया। किसानों की श्रेणी में डेयरी और मत्स्य पालन को जोड़ते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि अब इन्हे भी किसान क्रेडिट कार्ड पर दो लाख रुपये तक का लोन मिलेगा। किसान को अब एक लाख 60 हजार रुपया लोन केकेसी पर मिल सकेगा। यह राशि तय समय सीमा 3से 5 वर्ष के भीतर जमां कर दिये जाने पर ब्याज में 3प्रतिशत की छूट भी दी जायेगी। पूरी तरह से किसानों के सम्मोहन हेतु आयोजित सरकारी रैली में सत्ता दल ने अपना हित साधने का भरपूर प्रयास किया। एम एस पी के मामले पर लागत से डेढ गुना समर्थन मुल्य तय करने पर प्रधानमंत्री सरकार की प्रशंसा और काॅग्रेस को कोसते हुए  कहा कि यह और पहले हो सकता था , 11 लाख कृषि लोन किसानों को दिया गया।

देशी गौ सेवा संरक्षण 

इस मौके पर किसान की आत्मा गौ माता का जिक्र करते हुए राष्ट्रीय गोकुल मिशन के माध्यम से देशी गौ सेवा संरक्षण को बढावा देने वाली योजना का जिक्र कर किसानों से कहा कि जल्द ही राष्टीªय कामधेनु आयोग का निर्माण कर इस क्षेत्र में पशुधन से जुड़े मामले समस्या उपाय पर बृहद प्रकाश डाला जा सके। मोदी ने कहा कि फैसला लेने की ताकत आप जनता से आती है जिसने मुझे चुनकर भेजा है। मोदी यहाॅ अपने भषण के दौरान रक्षा मामले पर पूरी तरह चुप रहे। जबकि किसान समस्या व निदान पर सरकार की उपलब्धि के साथ दूसरे दलों पर बरसते रहे। इस दौरान वह जनता से सीधे जुड़ने का क्रम जारी रखे। तकनीक का प्रयोग करते हुए गोरखपुर के मंच से देश भर के किसानों से बात करके भी मोदी रैली में आये हुए लोगों को अपने आकर्षण में लेने का काम करते रहे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ का सम्बोधन में सारा जोर गोरखपुर क्षेत्र मे संचलित योजनाओं का परिचय देनें में रहा। हलांकि इन्हीं योजनाओं के आधार पर उन्होने काॅग्रेस की पिछली सरकार को निशाने पर रखा। उन्होने कहा कि यदि पिछली सरकारें साफ नियत से कार्ययोजनाओं को अंजाम दिये होते तो आज हम विकास की बड़ी ऊंचाईयांे को छू रहे होते! फिलहाल एनडीए सरकार, प्रधानमंत्री मोदी का ये लोकसभा चुनाव के पूर्व का चुनावी आगाज था जो औसत रहा। धर्म -जाति से उपर मतदाताओ में किसान देशभर में एक बड़ा वर्ग है और विपक्ष वहाॅ अपनी मजबूत पैठ बनाने में जुटा है सो रिझाना तो पड़ेगा ही।

                                                                                                                                                                          Dhananjay     

                                                                                                                                                                        Vaidambh Media