जिमनिश व शहबाज ! देश नहीं भूलेगा आपके अब्बू की शहादत !

गिरोही चर्चाओं के ठेकेदार,जाति- मजहब सूँघने वाले वैचारिक मजदूरों को शर्म बची है !

Biznaur : राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारी तंज़ील अहमद अब नहीं  रहे. 2-3 तारीख की रात बिजनौर,tanzil sir jai hind उत्तर प्रदेश में अपनी भांजी की शादी से लौटते हुए उन पर, उनकी पत्नी फरजाना और दो बच्चों पर लगभग 40 गोलियां दागी गयीं जिसमे उनकी मौत हुई और पत्नी दिल्ली के फोर्टिस हॉस्पिटल में अपने दो मासूमों 15 साला बेटी जिमनिश और 12 साल के बेटे शहबाज की आखिरी उम्मीद बन मौत से लड़ रही हैं. daughter of tanzilस्व. तंज़ील अहमद सिमी सहित कई आतंकी वारदातों, संगठनों और गिरोहों की जाँच के अहम काम के हिस्से थे और एनआईए सहित जाँच एजेंसियाँ इस निर्मम और क्रूर हत्या को आतंकी स्लीपर सेलों की कारस्तानी से जोड़ कर आगे बढ़ रही हैं.अफ़सोस, गिरोही चर्चाओं के ठेकेदार और हत्याओं में जाति, मजहब सूँघने वाले वैचारिक मजदूरों के लिए देश के एक बहादुर सिपाही की हत्या अब एक आपराधिक और उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या के तौर पर पहचानी जाने वाली है जिसका समाजवादी सरकार में कोई अस्तित्व नहीं है.

कोई भीड़ न उतरेगी सड़कों पर!

tanzilकोई भीड़ न उतरेगी सड़कों पर, हत्यारों के सर पर कोई 51 लाख का ईनाम न होगा, पाखंड के चेहरे और टीवी स्क्रीनें काली न होंगी और न ही तमगों की वापसी होगी.शहीद तंज़ील साहेब, आपको देश की तरफ से नमन और आपकी पत्नी के जान की सलामती के लिए ईश्वर से प्रार्थना.अहमद साहेब के मासूम.. जिमनिश बेटी और शहबाज बेटे! देश और आप दोनों को आपके अब्बू की शहादत याद रखनी होगी. पापा ने अगर ‘हेड डाउन’ बोल के आप दोनों की जिंदगी बचाई तो अब आपको जीवन में सर और माथा तान के, ऊंचा रख के जीना होगा.बस अब न लिख सकूँगा, सुबह-सुबह आँखों में आँसू अगर नियति है तो उसे अब पोंछ लेना बनता है.

तंज़ील अहमद : भारत माता की जय!

  अवनीश पी एन शर्मा