…तो क्या सरकार ने र्पोन साइट पर प्रतिबंध लगा दिया ?

new_new_labour_logoNew Delhi : इन दिनों माॅरकेट में खबर गरम है  केंद्र सरकार अब धीरे- धीरे पोर्न साइट्स पर अपना शिकंजा कसने लगी है. कई पोर्न साइट्स को बंद करने या एक्सेस ना किया जाने की शिकायतें भी मिल रहीं हैं . दूसरी तरफ यह दावा किया जा रहा है कि सरकार ने पोर्न साइट्स पर प्रतिबंध लगाने का फैसला पहले ही ले रखा था उसी पर कार्रवाई की जा रही है. हालांकि इस मामले में सरकार की तरफ से अभी कोई बयान नहीं आया है.

porn adमीडिया रिपोर्ट्स में इस बात का दावा किया गया है कि कई वेबसाइट्स अब खुल नहीं रही है. इस खबर को उस वक्त और बल मिल गया जब बीएसएनल, एमटीएनएल, वोडाफोन जैसे नेटवर्क पर पोर्न साइट्स नहीं खुल रहीं. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दुनिया की मशहूर 13 पोर्न साइट्स में से 11 का एक्सेस इन नेटवर्क पर बंद कर दिया गया है. बाकि की दो साइट्स को एक्सेस किया जा सकता है. हालांकि कई दूसरे नेटवर्क पर पोर्न साइट्स को आसानी से एक्सेस किया जा रहा है. भारत में पोर्न बैन होने की खबर टि्वटर पर भी ट्रेंड करने लगी. लोगों ने पोर्न को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं दी.

pornलोगों ने कहा, सरकार आतंकवाद पर पाबंदी नहीं लगा सकती लेकिन पोर्न पर पाबंदी लगा रही है. भारत इसर ने कहा, मैगी बैन, बीफ बैन और अब पोर्न बैन इसका यह मतलब है कि अब कंडोम के प्रचार पर भी बैन लगेगा. गौरतलब है कि कि सुप्रीम कोर्ट ने पोर्न साइट्स पर नियंत्रण लगाने की अपील को नकारते हुए कहा था कि हम किसी को चार दिवारी में पोर्न देखने से नहीं रोक सकते. हालांकि सरकार ने यह संकेत दिए थे कि पोर्न साइट पर नियंत्रण के लिए सरकार कोई उपाय करेगी.

 

 

पॉर्न साइट्स पर बैन लगाने पर  सरकार की  आलोचना !

Chetan bhagat  मशहूर लेखक चेतन भगत ने भारत में पॉर्न साइट्स पर बैन लगाने को लेकर सोमवार को सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम को स्वतंत्रता विरोधी और अव्यवहारिक बताया है। भगत ने ट्विटर पर कहा, ‘पॉर्न पर बैन लगाना स्वतंत्रता विरोधी, अव्यवहारिक और अप्रवर्तनीय है। ये राजनीतिक रूप से भी अच्छा नहीं है। लोगों के नीजि जीवन का प्रबंधन ना करे।
भगत ने कहा कि, पॉर्न पर प्रतिबंध लगाने से अच्छा सरकार को छेड़छाड़ व महिलाओं के साथ हो रहे रेप पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।  गौरतलब है कि मोदी सरकार ने पॉर्न साइट्स पर आहिस्ते से प्रतिबंध लगाना पहले ही शुरू कर दिया था । यूजर्स का कहना है कि वेे कुछ लोकप्रिय पॉर्न साइट्स का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। दूसरी तरफ दावा किया जा रहा है कि सरकार ने पॉर्न साइट्स पर प्रतिबंध लगाने का फैसला पहले ही ले रखा था और अब उसी पर कार्रवाई की जा रही है । हालांकि इस मामले में अभी तक मोदी सरकार की तरफ से कोई बयान नहीं आया है ।

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