पीएम मोदी का दिवाली-तोहफा : इंडिया गोल्ड कॉयन लॉन्च

सरकार की गैरंटी के साथ बाजार में आएगा अशोक चक्र वाला गोल्ड कॉयन

 New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिवाली  त्यौहार को ध्यान में रखते हुए पहली बार अशोक चक्र वाला इंडिया गोल्ड कॉयन लॉन्च किया है।gold modi ये सिक्का सरकार की गैरंटी के साथ बाजार में आएगा। सिक्के दो साइज में होंगे जिसमें 5 ग्राम का छोटा और 10 ग्राम का बड़ा सिक्का होगा। इस पर राष्ट्रीय चिन्ह अशोक और महात्मा गांधी का चित्र अंकित है।

 महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण पहलू है ‘सोना’ : मोदी
पीएम मोदी ने दिवाली और धनतेरस से पहले सोने से जुड़ी 3 स्कीम को राजधानी में लॉन्च किया। आपको बता दें कि पीएम मोदी ने अशोक चक्र वाले सोने के सिक्के के अलावा गोल्ड मोनेटाइजेशन और गोल्ड बांड स्कीम भी लॉन्च की।modi sward इस स्कीम के तहत 5 और 10 ग्राम के सोने के सिक्कों के अलावा 20 ग्राम का गोल्ड बार भी उपलब्ध रहेगा। मोदी ने भौतिक रूप में सोने की मांग को कम करने और देश में बिना उपयोग के पड़े 20,000 टन सोने को उपयोग में लाने के लिये तीन योजनाओं को लॉन्च किया है। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत में 20,000 टन सोना बेकार पड़ा है, सोना महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण पहलू है। लॉन्चिंग के दौरान उन्होंने  कहा कि एमएसटीसी स्टोर के जरिए 5 ग्राम के 15 हजार, 10 ग्राम के 20 हजार और 20 ग्राम के 3750 बार बेचे जाएंगे। तो वहीं गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत भारतीय नागरिकों को निवेश करने का मौका मिलेगा।  इस योजना के तहत 30 ग्राम से ज्यादा सोना जमा कराया जा सकता है। जमा कराए गोल्ड पर ढाई प्रतिशत तक ब्याज मिलेगा। इस स्कीम के तहत घरों या बैंक के लॉकर में रखे सोने पर ब्याज के रूप में अच्छी आमदनी भी होगी। महिलाओं को भी इस गोल्ड स्कीम से काफी फायदा होगा, ऐसे में हम अपनी मां और बहनों को इस स्कीम के जरिये आर्थिक सुरक्षा दे रहे हैं।

स्वर्ण बांड योजना: बांड की अवधि आठ साल की होगी !
इसमें 995 शुद्धता वाला न्यूनतम 30 ग्राम सोने के बराबर सोने की बट्टी, सिक्का या आभूषण जमा कराया जा सकेगा। स्वर्ण बांड योजना के तहत निवेशकों को दो ग्राम सोने से अधिकतम 500 ग्राम सोने तक के बराबर बांड खरीदने का विकल्प होगा।  बता दें कि यह पहले चरण की स्वर्ण बांड योजना है और इसके आगे के चरणों को बाद में लॉन्च किया जाएगा। इस बांड की अवधि आठ साल की होगी और पांचवें साल से इसमें बाहर निकलने का विकल्प उपलब्ध होगा।

योजना के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:-

1. एसजीडी नकदी भुगतान पर जारी किया जाएगा और ग्राम आधारित सोने के वजन के अनुरूप होगा।
2. भारत सरकार की तरफ से भारतीय रिजर्व बैंक बांड जारी करेगा। बांड की सार्वभौमिक गारंटी होगी।
3. जारी करने वाली एजेंसी वितरण खर्च और बिक्री कमीशन बिचौलिए चैनलों को देगी जिसे भारत सरकार पुनर्भुगतान करेगी।gold-decoration
4. बांड की बिक्री केवल भारत में रहने वाले नागरिकों को की जाएगी। बांड की अधिकतम सीमा एक समुचित स्‍तर पर रखी जाएगी जो प्रति व्‍यक्ति, प्रतिवर्ष 500 ग्राम से अधिक नहीं होगी।
5. सरकार अपने द्वारा निर्धारित ब्‍याज दर पर बांड जारी करेगी। ब्‍याज दर तय करते समय घरेलू और अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार की परिस्थितियों का ध्‍यान रखा जाएगा जो परिवर्तनशील होंगी। यह ब्‍याज दर निवेश के समय सोने के मूल्‍य के अनुरूप तय की जाएगी। तयशुदा आधार पर ब्‍याज दर परिवर्तनशील या स्थिर होगी।
6. बांड डीमेट या कागज के रूप में होंगे। बांड सोने के 5,10,50,100 ग्राम के आधार पर या अन्‍य आधारों पर होंगे।
7. सोने की कीमत संदर्भ दर पर तय की जाएगी और कुल रकम रुपये में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बांड जारी होने और वापस लेने के अवसर पर संदर्भ दरों के आधार पर तय की जाएगी।
8. यह दर बांड जारी करने, वापस लेने, एलटीबी उद्देश्‍य और ऋण चुकाने के लिए इस्‍तेमाल होगी।
Gold-in-the-vaults9. बैंक, गैर बैंकिंग वित्‍तीय कम्‍पनियों, डाकघरों, राष्‍ट्रीय बचत प्रमाणपत्र के एजेंट एवं अन्‍य सरकार की तरफ से बांड खरीदने के लिए धन एकत्र करेंगे और उन्‍हें वापस देने की प्रक्रिया भी पूरी करेंगे। इसके लिए शुल्‍क रकम के आधार पर तय किया जाएगा।
10. बांड की अवधि न्‍यूनतम 5 से 7 वर्षों की होगी ताकि सोने की कीमतों के मध्‍यकालीन उतार-चढ़ाव से निवेशकों की सुरक्षा हो सके। ये बांड सार्वभौमिक उधार का अंग हैं इसलिए उन्‍हें वर्ष 2015-16 और उसके आगे की अवधि के संदर्भ में वित्‍तीय घाटे के दायरे में रखे जाने की आवश्‍यकता है।
11. इन बांडों को ऋण के लिए भी इस्‍तेमाल किया जा सकता है। इस ऋण का अनुपात समय-समय पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित साधारण स्‍वर्ण ऋण के बराबर होगा।                                   12. बांडों को एक्‍सचेजों में बेचा जा सकेगा और उसका कारोबार किया जा सकेगा ता‍कि निवेशक अपनी इच्‍छा से बाजार से निकल सकें।
13. केवाईसी नियम सोने के समान ही होंगे।
14. पूंजीगत कर व्‍यक्तिगत निवेशक के लिए सोने के तरह ही होंगे। राजस्‍व विभाग आयकर अधिनियम के मौजूदा प्रावधानों में संशोधनों के लिए तैयार है ताकि बांड के हस्‍तांतरण से प्राप्‍त होने वाले दीर्घकालिक पूंजी लाभ को शामिल किया जा सके। इसके अलावा एसजीबी को बेचने से होने वाले पूंजी अर्जन के लिए छूट के प्रावधान को भी शामिल किया जाना है। इसके विषय में अगले बजट 2016-17 में विचार किया जाएगा। जहां तक कराधान का संबंध है, इस प्रक्रिया से निवेशक इन बांडों या सोने में जो भी निवेश करेगा उसका आधार समान हो जाएगा।
15. बांड से प्राप्‍त होने वाली रकम सरकार अपनी उधारी के लिए प्रयोग करेगी और रकम पर बचाया जाने वाला ब्‍याज स्‍वर्ण भंडार निधि के खाते में जमा किया जाएगा। सरकार की उधारी की मौजूदा दर की तुलना के आधार पर उधारी लागत में होने वाली बचतों को स्‍वर्ण भंडार निधि में जमा किया जाएगा ताकि सोने की कीमतों की वृद्धि का जोखिम सरकार उठा सके। इसके अलावा स्‍वर्ण भंडार निधि की लगातार निगरानी की जाएगी ताकि उसका रख-रखाव होता रहे।
cash-for-gold-img16. बांड के परिपक्‍व हो जाने पर उसकी वापसी केवल रुपये में होगी। बांडों की ब्‍याज दर निवेश के समय सोने के मूल्‍य के आधार पर तय की जाएगी। निवेश का मूलधन जो सोने के ग्राम आधार पर होगा उसकी वापसी उस समय की सोने की कीमत के अनुसार होगी। यदि सोने की कीमत निवेश के समय की कीमत से कम हो जाती है या कोई अन्‍य कारण उत्‍पन्‍न होता है तो जमाकर्ता को यह विकल्‍प दिया जाएगा कि वह अपने बांड को तीन या अधिक वर्षों के लिए दोबारा प्राप्‍त कर ले।
17. जमा संबंधी सोने की कीमत और मुद्रा की स्थिति से जो भी जोखिम उत्‍पन्‍न होगा, उसे सरकार स्‍वर्ण भंडार निधि से वहन करेगी। यदि स्‍वर्ण भंडार निधि को कायम रखने में कठिनाई आ रही है तो उसकी स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
18. अर्जन और घाटे संबंधी जोखिम निवेशकों के ऊपर होंगे और निवेशकों को सोने की कीमतों के उतार-चढ़ाव के प्रति जागरूक रहना होगा।
19. उपलब्‍धता सुनिश्चित करने के लिए बांडों को डाकघरों, बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्‍तीय संस्‍थानों और एनएससी एजेंटों सहित विभिन्‍न ब्रोकरों और एजेंटों के जरिए उपलब्‍ध कराया जाएगा। इसके लिए उन्‍हें कमीशन दिया जाएगा।

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