मानवता का ब्यापार: बंद करो बेटिंयों की कीमत लगाना !

 human-traffiking-kidsGorakhpur/ सोनौली बार्डर :   उत्तर भारत व नेपाल के बीच राजनीतिक , सामाजिक ,धार्मिक एकरुपता सदियों से देखी जा रही है। यहा` आम लोगों की राय व समझ में काफी समानता है। यदि दो देशों को विभाजित करने वाली सीमा बीच में ना हो तो यहा’ के आम नागरिक अविभाज्य हंै , रोजमर्रा के काम से एक दूसरे से गुंथे हुए। भूकम्प की त्रासदी में नेपाल के साथ राष्ट्र नही अपितु बड़ा भाई सहायतार्थ खड़ा रहा। सदियों से नेपाल नरेश की खिचड़ी गोरक्षनाथ मंदिर में प्रथम चढ़ावे के रुप में मकर सेक्राॅति को प्राप्त होती है। दोनों देशों के बीच विश्वास की डोर इतनी मजबूत है कि हजारो किलोमीटर की खुली सीमा पर कोई गहरा विवाद नहीं है उल्टे गोरखा हमारी सेना का हिस्सा है। यही हाल हमारे बीच सामाजिक रिश्ते का भी है। माता सीता का मायका जनकपुर नेपाल में होने के नाते भारत नेपाल की धार्मिक रिश्तेदारी है।

मानव तस्करों का धंधा …निशाने पर बच्चियां

ind ऐसे तमाम मधुर सम्बंधों के बीच आज 20 वर्षों से भारत नेपाल सीमा पर एक घृणित कर्म, हजार निगरानी व सर्तकता के बीच जारी है .  जिसे मानव ब्यापार के नाम से जाना जाता है।   ये बड़े अफसोस की बात है कि सरकारें इसको प्रथमिकता में शामिल नहीं करती दिख रहीं जबकि मानव तस्करी के विविध आयाम सुरक्षा एजेंसियाॅ व पुलिस तथा एन जी ओ के सामने बहुरुप में प्रदशित हो रहें हैं .  दुनियां भर के कुछ सनकी अमीर अपने पालतू एजेंण्टों केा चंद पैसों की लालच देकर उनसे गरीब घर की लड़कियों बच्चों को नौकरी, शादी, बेहतर जीवन का लालच देकर देह ब्यापार व गुलाम जीवन के लिये मजबूर करते हंै। यह समस्या सभी गरीब देशों की है। वैश्विक होने के बावजूद इस पर तीव्र कार्यवाही होते अब तक नही देखा गया। भारत.नेपाल बार्डर स्थित नौतनवां में दोनों देशों के जागरुक लोगों का एक फोरम मानव ब्यापार तश्करी मुद्दे पर कारण निवारण के उद्ेदश्य से बुलाया गया। विगत 15 वर्षों से सीमा पर मानव तश्करी रोकने के लिये सतत् प्रयास करने वाली संस्था मानव सेवा संस्थान एवं एडब्लू ओ की ओर से आयोजित किया गया।  29जुलाई को इस कार्यक्रम में  सभी उपस्थित जन ने इमानदार बहस की  एसएसबी के सभी बार्डर पोस्ट के कमांडिंग अघिकारी मुस्तैद रहे। नेपाल के सीमावर्ती इलाके के जिला प्रंशासन व पुलिस सरगर्मी से बात किये मामलों की एक दूसरे से सूक्ष्म पड़ताल व सहयोग पर गहन चर्चा किये। यह विश्वास दिलाया कि अपनी सरकार से इस प्रकरण पर पूरा सहयोग दिलायेंगे। अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह मुद्दा कितना गम्भीर है।

         महिलाओं की तरफ पुरुष की घुणित सोच

indo nepal officers meet कार्यक्रम मे दो अहम ब्यक्तियों की उपस्थिति से यह फोरम काफी महत्वपूर्ण हो गया। नेपाल की महिला आयोग की अध्यक्षा श्रीमती शेष चन्द तारा तथा गोरखपुर रेंज के डीआईजी संजीव कुमार गुप्ता।  क्रास बार्डर इंटर एजेंसी डायलाग आन एक्सप्लोरिंग एप्रोप्रियेट स्ट्रेटजी टू काम्बैक्ट ट्रैफिकिंग पर आयोजित वर्कशाप को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए श्रीमती तारा ने कहा कि महिलाओं की तरफ पुरुष की घुणित सोच ही इस कार्य को सम्पादित कराती है। यदि पुरुष के भीतर से पितृसत्ता का दम्भ समाप्त हो जाय तो दुनियां भर में महिला पुरुष के हाथेंा ना बेची जाय। उन्होने समाज की स्वीकारोक्ति को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि आज ट्रैफिकिंग की शिकार महिलाओं का नेपाल में पुनर्वास एक बड़ी चुनौती है। अधिकतर मामलों में परिवार ही महिलाओं को अस्वीकार कर देते हैं। उन्होंने कहा कि हम इस बात पर भी विचार कर रहे हैं कि क्या सख्त कानून की वजह से ट्रैफिकिंग की शिकार महिलाएं अदालत में सचाई बयान करने से बचती हैं घ् उन्होंने इस समस्या पर कार्य कर रहे एनजीओ की मानीटरिंग पर जोर देते हुए कहा कि अनैतिक मानव व्यापार की रोकथाम के लिए स्टेट को लीडिंग भूमिका में आना चाहिए न कि इसे स्वंयसेवी संस्थाओं के भरोसे छोड़ देना चाहिए। उन्होंने ह्यूमन ट्रैफिकिंग पर कार्य करने वाली सरकारी एजेंसियोंए एनजीओए महिला व नागरिक समूहों के बीच बेहतर समन्वय बनाने और भारत.नेपाल के बीच सुरक्षा बैठकों में इस मुद्दे पर प्रमुखता से विचार.विमर्श करने पर जोर दिया।

                        डाटा शेयर करेंगे दोनो देश

indaपुलिस उपमहानीरिक्षक गोरखपुर ने फोरम के अध्यक्ष के तौर पर बोलते हुए कहाकि यह बहुत जरुरी है कि मानव तश्करी के कानून को पूरी तरह समझकर काम किया जाय। दोनों देशों के कानून का बराबर अध्ययन हर एजेंसी को होना चाहिए। भारत के सुरक्षा की लगभग 12 एजेंसियों को सतर्क निगाह रखने की अपील की। उन्हाने जोर दिया कि डाटा शेयर करना बहुत जरुरी है। कहीं ऐसा ना हो कि अप्रत्यक्ष रुप से हम भी टैªफिकर के मददगार बन बैठें।ग्रामीण क्षेत्र से लेकर शहर तक सुरक्षा व सोशल सेक्टर पूरी तरह जब मुस्तैद रहेगा तभी यह कार्य रोका जा सकेगा। नेपाल व भारत के दोनो प्रमुख बक्ता ने इस बात पर विश्वास दिलाया कि डाटा शेयर किया जायेंगे। साथ ही महिलाओं के माइग्रेट अधिकार को ठेस नही पहुॅचे इसके लिये चिकित्सा सेल व महिला सुरक्षाकर्मी तैनात किये जायेंगें। डीआईजी ने जिला मुख्यालय पर रहने वाली एण्टी ट्रैफिकिंग सेल को बार्डर पर भेजने की घेाषणा की। पीड़ितों के प्रवास व चिकित्सा के लिये शेल्टरहोम सीमा पर खेालने की बात सरकार की ओर से कही।कुल मिलाकर फोरम पर बात रखने वाले दोनों देशों के पत्रकार एन जीओ वरिष्ठ अधिकारी सबने इस मसले पर खुलकर बात की। यह महसूस किया गया कि यदि बार्डर क्षेत्र में ऐसे खुली बहस हो तो कई मामलों का समाधान खुद बखुद निकल आवेगा।

रिक्रूटमेंट एजेंसियों , आपरेटरों पर निगरानी  मजबूत करने का सुझाव

indo nepखुली चर्चा में जटाशंकर त्रिपाठी ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग के मामलों में कम अभियुक्तों की सजा पर चिंता जतायी गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के अध्यक्ष अशोक चैधरी और पत्रकार मनोज कुमार सिंह ने रिक्रूटमेंट एजेंसियोंए टैक्सी आपरेटरों पर निगरानी तंत्र को मजबूत करने का सुझाव दिया कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग  नेपाल की सदस्य धनेश कुमारी चौधरी ने नेपाल के सुरक्षा निकायों को और अधिक सक्रिय होने को कहा। नेपाल के रूपन्देही जिले के एसएसपी गणेश केसीए एसपी राजन ढकालए सहायक प्रमुख जिलाधिकारी सुश्री मोनाका ने अनैतिक कार्य के लिए मानव व्यापार को मानवता के खिलाफ अपराध बताते हुए कहा कि नेपाली प्रशासन इसकी रोकथाम के लिए पूरा प्रयास कर रहा है। जर्मनी स्थित संस्था एडब्ल्यूओ इंटरनेशनल की प्रोग्राम कोआर्डिनेटर रेजिना जोशी ने संस्था द्वारा भारतए नेपाल और बांग्लादेश में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नेपाल में भूकम्प की त्रासदी के बाद 400 लड़कियों की ट्रैफिकिंग की रिपोर्टिंग हुई। उन्होंने कहा कि कहीं भी आना.जाना लोगों का अधिकार है लेकिन माइग्रेशन को सुरक्षित बनाना होगा ताकि लोग शोषण के शिकार न हो।

इस कार्यक्रम में एक बात स्पश्ट तौर पर देखी गयी कि सब संसाधन होने के बावजूद दोनो देश की सरकार कड़ी जोड़ पाने में अक्षम दिख रही है,  जबकि संसाधन भरपूर है. कमी है तो ;  इस संवेदना को समझते हुए सामाजिक संगठनों के साथ मिल कर नीति निधारण व क्रियान्वयन की.  कार्यक्रम संचालक मानव सेवा संस्थान के निदेशक राजेश मणि को इस कार्यक्रम के लिये आगन्तुकों ने जिस तरह आभार ब्यक्त किया उससे सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों का दर्द उभरते उनके चेहरों पर स्पष्ट देखा जा सकता था।

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