Month: February 2017

मुद्दा : भेड़ – भेड़िहार हासिये पर क्यों ?

खेती – किसानी का उद्धार  या तिरस्कार ! Gorakhpur : किसानों की बात आज हर राजनीतिक पार्टियाॅ कर रही हैं। उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव के केन्द्र में
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किसान के गाढ़े धन का अपब्यय, रासायनिक उर्वरक का प्रयोग !

रासायनिक उर्वरक एवं कीटनाशक , भूमि की उर्वराशक्ति बढ़ाने वाले जीवाणु नष्ट कर रहे हैं ! Gorakhpur :  हमारे देश में सम्भावनाओं का असिमित भंण्डार बताने वालों की कमी
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आध्यात्मिक होना मतलब अगरबत्ती जलाना नहीं , नदी के समान है साधना !

“शशिकांत सदैव साहित्य जगत के चमकते सितारे हैं। इनके बारे में लिखना सूरज को आईना दिखाने जैसा है। साहित्य के दर्जनों सम्मान प्राप्त ख्यातिलब्ध श्री सदैव जी के
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अभद्र : भाषा की मर्यादा लांघते सभी दलों के नेतागण !

बयानों और शब्दों के विभाजनों के बनाए जा रहे दो कॉलम ! राष्ट्रीय पदों की गरिमा को बहुत सस्ता बनाते जा रहे नेतागण ! New Delhi : आजकल
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खादी के धागे-धागे में, अपनेपन का अभिमान भरा…. !

…  अब राजनैतिक विश्लेषण और विभाजन का विषय बनती जा रही है खादी ! Vasco de Gama : ऐसा नहीं लगता कि देश में गांधी और खादी अंग्रेजी के
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