2022 तक सबको आवास : ऋण पर ब्याज में 6.5 फीसदी छूट

प्रति मकान 2.3 लाख रूपए सब्सिडीghar

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को “2022 तक सबको आवास” कार्यक्रम शुरू करने को मंजूरी दे दी है । सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक  झुग्गी पुनर्वास कार्यक्रम के तहत प्रति मकान औसतन एक लाख रूपए की केंद्रीय सहायता प्रदान की जाएगी। बयान में कहा गया है कि झुग्गी वासियों को मकान उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार के पास इस सहायता को किसी भी झुग्गी पुनर्वास परियोजना पर खर्च करने की सुविधा होगी।

ईडब्ल्यूएस श्रेणी में प्रति मकान 1.5 लाख रूपए की केंद्रीय सहायताghar bikauu_

बयान में कहा गया है, “ऋण संबद्ध ब्याज छूट घटक के तहत आर्थिक रूप से कमजोर तबके/नम्न आय समूह (ईडब्ल्यूएस/एलआईजी) श्रेणी में 15 साल तक की अवधि के लिए लिए गए आवास ऋण पर 6.5 फीसदी ब्याज छूट दी जाएगी, जिसमें दोनों ही श्रेणियों में शुद्ध वर्तमान मूल्य पर कुल सब्सिडी प्रति मकान 2.3 लाख रूपए होगी।” बयान के मुताबिक, सस्ते आवास योजना के तहत ईडब्ल्यूएस श्रेणी में प्रति मकान 1.5 लाख रूपए की केंद्रीय सहायता दी जाएगी। बयान में कहा गया है कि केंद्रीय सहायता का लाभ उठाने के लिए राज्य सरकार और उनके अधीन निकाय जैसे हाउसिंग बोर्ड सस्ते मकान योजना के तहत परियोजना शुरू कर सकते हैं।

ravisankar prsadमंत्रिमंडल की बैठक के बाद दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि सबको आवास योजना एक केंद्र प्रायोजित योजना होगी। उन्होंने कहा, “यह योजना केंद्र प्रायोजित योजना होगी, सिवाय ऋण-संबद्ध छूट घटक के, जिसका कार्यान्वयन केंद्रीय क्षेत्र की योजना के रूप में होगा।” योजना के तहत आवंटित मकान या तो परिवार की प्रमुख महिला के नाम होगा या प्रमुख पुरूष और उसकी पत्नी के नाम संयुक्त रूप से होगा। योजना तीन चरणों में पूरी होगी। प्रथम चरण (अप्रेल 2015 से मार्च 2017) में 100 शहर चुने जाएंगे। चरण 2ए (अप्रेल 2017-मार्च 2019) में 200 और शहरों का चुनाव होगा। तीसरे चरण (अप्रेल 2019-मार्च 2022) में शेष सभी शहरों में योजना कार्यान्वित की जाएगी।
योजना के तहत अनुमानित दो करोड़ मकान बनेंगे। बनने वाले मकानों की सटीक संख्या तब सामने आएगी, जब इसके लिए आधार संख्या, जनधन योजना खाता संख्या या इसी तरह लाभार्थियों की किसी भी पहचान के आधार पर मांग से संबंधित सर्वेक्षण कराए जाएंगे। इस योजना के तहत एक प्रौद्योगिकी उप मिशन स्थापित किया जाएगाए जो पर्यावरण अनुकूल और तेज काम की सुविधा उपलब्ध कराएगा।

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